लखनऊ के विवेक तिवारी हत्याकांड के बाद से पुलिस महकमे में मची हलचल के बीच जहां पुलिस वालों के सोशल मीडिया पर सीधे पोस्ट को प्रतिबंध के दायरे में लाया जा रहा है, वहीं यूपी के महोबा जिले में एक सिपाही की तकलीफ बयां करती वीडियो क्लिप उसके लिए मददगार बन गई। लकवाग्रस्त बीवी के इलाज के लिए छुट्टी की प्रार्थना और इलाज के लिए जरूरी जीपीएफ राशि न मिलने का दर्द सिपाही ने क्लिप में रोते हुए बयां किया है। इसकी जानकारी मिलते ही एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने सिपाही के 45 दिन का अवकाश को मंजूरी दे दी। साथ जीपीएफ के भुगतान में बाधक बने पुलिस लाइन के एकाउंटेंट को निलंबित कर दिया।
दुख व्यक्त करते हुए सिपाही ने कहा, श्रीमान जी इसमें सहायता कीजिए वरना आत्महत्या कर लेंगे
पीड़ित सिपाही
घटना के केंद्र में है उरई (जालौन) निवासी लक्ष्मण। वर्तमान में लक्ष्मण की तैनाती महोबा पुलिस लाइन में है। साथी सिपाहियों ने बताया कि लक्ष्मण की पत्नी काफी समय से बीमार है। लकवाग्रस्त बीवी के इलाज के लिए जीपीएफ से धनराशि रिलीज कराने की अर्जी दी थी लेकिन प्रक्रिया पुलिस लाइन के लेखा अनुभाग में अटक गई। पत्नी के इलाज के लिए जाने का हवाला देकर 45 दिन का अवकाश मांगा था। एक सप्ताह से ज्यादा का समय गुजर जाने के बाद भी न तो सिपाही को जीपीएफ की धनराशि का लाभ मिला और न ही अवकाश मंजूर हुआ। परेशान होकर सिपाही ने अपनी व्यथा रोते हुए रिकॉर्ड की और यह वीडियो क्लिप अफसरों को भेज दी। दुख व्यक्त करते हुए सिपाही ने कहा, श्रीमान जी इसमें सहायता कीजिए वरना आत्महत्या कर लेंगे।
वीडियो में सिपाही का कथन..........
पीड़ित सिपाही
इन स्थितियों की जानकारी होते ही सिपाही को 45 दिन के अवकाश की मंजूरी दे दी गई। साथ ही एकांउटेंट भारतेंदु के निलंबन का निर्देश जारी कर दिया गया। मामला संज्ञान में आने के बाद एकाउंटेंट भारतेंदु को निलंबित कर दिया है और सिपाही को छुट्टी दे दी गई है।
वीडियो में सिपाही का कथन
''श्रीमान जी मैं कांस्टेबल पद पर महोबा में तैनात हूं और मैंने एक महीने पहले जीपीएफ फॉर्म भरके डाला था। मेरी पत्नी को फालिश मार गई उसमें पैसे की आवश्यकता थी जोकि नहीं मिला। मैं आत्महत्या करने को मजबूर हूं। मुझे एक साल हो गई, तीन दिन की छुट्टी केवल नातिन की शादी में मिली थी। मेरा पैसा मुझे टाइम से नहीं मिल पा रहा। न छुट्टी मिल पा रही। इसलिए मेरा दिमाग डिस्टर्ब है। कृपया आप लोग हैं जो सुनते हैं इसलिए कृपया आप सहायता करिए नहीं तो हम आत्महत्या कर लेंगे।''