फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेटे ने किया मां का कत्ल!: एक हाथ से मुंह तो दूसरे से दबाया गला, करीबी महिला के दोस्त को फंसाने का था प्लान

Thu, 03 Sep 2026 04:05 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर

सार

कानपुर में महिला की हत्या में पुलिस के शक की सुई बेटे पर टिकी है। हालांकि पुलिस ने अभी तक मामले का खुलासा नहीं किया है। पुलिस जांच में जुटी है।
विज्ञापन
Kanpur Loot And Murder Case - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर के रावतपुर के केशवपुरम में घर में अकेली महिला उमा (58) की हत्या और लूट के मामले में पुलिस खुलासे के एकदम करीब पहुंच गई है। पुलिस के शक की सुई उसके बड़े बेटे अमरीश पर ही आकर टिक गई है। हालांकि पुलिस ने अभी मामले के खुलासे से इन्कार किया है। अमरीश की पत्त्नी नेहा की माने तो मंगलवार रात करीब आठ बजे पति ने फोन कर बताया कि हार्ट अटैक से मां की मौत हो गई।
विज्ञापन


इस पर वह घर पहुंची तो सास का शव कुर्सी पर था। करीब एक-ड़ेढ घंटे रुकने के बाद वह बच्चों को लेने के लिए वापस गोविंदनगर स्थित अपने मायके आई और करीब रात 10 बजे फिर वापस केशवपुरम पहुंची तो पता लगा कि लाखों की लूट भी हुई है। यहीं से पुलिस के शक की सुई अमरीश पर आकर टिक गई है। पुलिस बुधवार देर रात तक अमरीश और नेहा से पूछताछ करती रही।

बता दें कि मंगलवार रात लगभग 10 बजे पुलिस को उमा के पति शिवमंगल ने घर में पत्नी उमा की हत्या और लूट की सूचना दी। पुलिस को अमरीश ने बताया कि उसका अपनी नेहा पत्नी से विवाद चल रहा था। इस कारण नेहा बीते तीन माह से अपने मायके गोविंदनगर में रह रही है। केशवपुरम के घर पर वह अपने पिता और माता के साथ रहता था। 

मंगलवार शाम सात बजे जब किरायेदारों ने मां के मृत होने की सूचना दी तो वह दुकान से पिता के साथ मौके पर पहुंचा। उसे भी लगा कि मौत हार्ट अटैक से हुई है। उसने डॉक्टर को बुलाकर मौत की पुष्टि भी की। कुछ देर बाद दूसरे कमरे में जाकर देखा तो अलमारी भी खुली पड़ी थी और करीब 20-25 लाख के जेवर गायब थे। 

सूत्र के अनुसार बुधवार को जांच के दौरान नेहा ने बताया कि जब वह पहली बार घर आई थी तो सास की मौत तो पता चली थी लेकिन लूट की बात दोबारा आने पर पता चली। नेहा ने बताया कि वह और अमरीश तीन माह पहले तक नजदीक ही स्थित ससुर शिवमंगल के दूसरे मकान में रहते थे। 

दोनों के बीच विवाद की वजह भी पैसा ही था। नेहा के मुताबिक अमरीश उन्हें घर खर्च नहीं देता था। नेहा के मायके जाने के बाद अमरीश माता-पिता के साथ रहने लगा था। वह पिता के साथ अपनी किताबों की दुकान में जाता और आता था। 

इधर, बुधवार को दिल्ली में स्वास्थ्य मंत्रालय में सीनियर टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत उमा का छोटा बेटा आशीष बुधवार को पूरे दिन पिता शिवमंगल के साथ पोस्टमार्टम हाउस में बैठा रहा। वह बार-बार मां को याद कर भावुक हो रहा था।

करीबी महिला के पुरुष मित्र को फंसाना चाहता था
पुलिस सूत्रों की माने तो अमरीश ने मां की हत्या को अंजाम अपनी एक करीबी महिला के पुरुष मित्र को फंसाने के लिए की थी। इस कारण ही लूट का नाटक भी रचा था। बताया जाता है कि मंगलवार देर रात अमरीश उसी मित्र के खिलाफ तहरीर भी देने वाला था लेकिन पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। हालांकि पुलिस ने उस पुरुष मित्र को भी पूछताछ के लिए अपने पास ही रखा हुआ है।

एक हाथ से मुंह तो दूसरे से दबाया गला
पुलिस सूत्रानुसार उमा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या करने की पुष्टि हुई है। आशंका है कि जिसने भी हत्या की है, उसने एक हाथ से उमा का मुंह दबाया और दूसरे हाथ से उसका गला दबाया है। उमा के चेहरे पर भी चोट के निशान मिले हैं। इससे साफ है कि उमा को हार्ट अटैक नहीं बल्कि उसकी हत्या ही हुई है।
 

आखिरी बार शाम छह बजे घर आया था अमरीश
अमरीश ने पुलिस को बताया था कि वह मंगलवार को वह दुकान पर जाने के बाद सुबह 11:30 बजे के आसपास घर आया था। बारिश से भीगे कपड़े बदलकर वापस दुकान चला गया था लेकिन पुलिस की जांच में सामने आया कि अमरीश मंगलवार को तीन बार घर आया था। आखिरी बार उसे शाम छह बजे घर पर देखा गया था। इससे भी पुलिस के शक की सुई अमरीश पर ही जाकर टिक गई।
विज्ञापन

फिलहाल पुलिस के शक के घेरे में पूरी तरह से अमरीश ही है लेकिन हत्त्या की वजह और जेवरों का न मिलने ने मामले को थोड़ा उलझा दिया है। पूरी तरह से खुलासा होने में कुछ और समय लग सकता है।-एसएम कासिम आबिदी, डीसीपी पश्चिम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें