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पुलिस भर्ती परीक्षा : बालों व दाढ़ी में उंगलियां फेरी, कानों को खंगाला

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आर्य कन्या स्कूल गोविंदनगर से परीक्षा देकर निकलते परीक्षार्थी।  - फोटो : अमर उजाला
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कानपुर। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में इस बार अभ्यर्थियों को कड़ी जांच के साथ-साथ भीषण गर्मी और कठिन सवालों का सामना करना पड़ा। सख्ती का आलम यह रहा कि प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों के बेल्ट और जूते उतरवाए गए। बालों और दाढ़ी में उंगलियां फेरकर और कानों में उंगली डालकर जांच की गई। आंखों का रेटिना स्कैन करने के साथ डिवाइस को पकड़ने के लिए चेहरे, कान के पास हैंडहेल्ड मेटल डिटेक्टर घुमाया गया। वहीं एक केंद्र में कक्षा में लगी घड़ी समय से पीछे चलने के कारण कई अभ्यर्थियों का पेपर भी छूट गया।
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सोमवार को 54 केंद्रों पर आयोजित परीक्षा की दोनों पालियों में प्रति पाली 19,440 अभ्यर्थी पंजीकृत रहे। इसमें से पहले पाली में 14897 अभ्यर्थी उपस्थित और 4543 अनुपस्थित रहे। वहीं दूसरी पाली में 1473 अभ्यर्थी उपस्थित और 4567 अनुपस्थित रहे। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजामों के चलते छात्रों को लंबी कतारों में लगना पड़ा और काफी समय जांच प्रक्रिया में ही लग गया। परीक्षा के दौरान भीषण गर्मी ने अभ्यर्थियों की परेशानी और बढ़ा दी। कई केंद्रों पर पानी और छांव की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से छात्रों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं सुरक्षा व्यवस्था के चलते बेल्ट, जूते और अन्य सामान जमा कराने में भी समय लगा।

सामान्य ज्ञान के प्रश्न रहे कठिन, बिगड़ा समय प्रबंधन
अभ्यर्थियों ने बताया कि सामान्य ज्ञान के प्रश्न अपेक्षाकृत कठिन थे, जिससे समय प्रबंधन बिगड़ गया। रीजनिंग सेक्शन आसान रहा। परीक्षा में शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार, इट्स ऑल इन द प्लैनेट पुस्तक के लेखक, बुखारेस्ट की राजधानी और पुलिस अनुसंधान विकास ब्यूरो की स्थापना वर्ष जैसे सवाल पूछे गए।
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कक्ष में खराब घड़ी के कारण छूटा पेपर
कानपुर के एक परीक्षा केंद्र पर कक्षा में लगी घड़ी के खराब होने से समय का गलत अनुमान लगने के कारण कई अभ्यर्थियों का पेपर छूट गया। झांसी से आए सत्येंद्र ने बताया कि पेपर सामान्य था। पहले सारे सवालों को पढ़कर उनके उत्तर को पेपर में टिक कर लिया था। सिर्फ ओएमआर शीट में गोले भरने बाकी थे। उन्होंने 150 प्रश्नों में से केवल 20 के ही गोले भरे थे जब घड़ी में 20 मिनट शेष दिख रहा था लेकिन अचानक घंटी बजने से पेपर पूरा नहीं हो सका। कई बार आग्रह करने के बावजूद उन्हें अतिरिक्त समय नहीं दिया गया।

गर्मी की छुट्टी निरस्त कर लगाई ड्यूटी
परीक्षा में डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। डिग्री कॉलेजों में इस समय ग्रीष्मकालीन अवकाश चल रहा है। इस वजह से कई शिक्षकों को छुट्टियां निरस्त कर वापस आना पड़ता तो कई शिक्षक अपनी ड्यूटी निरस्त कराने के लिए ही फोन मिलवाते रहे।
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बोले परीक्षार्थी
परीक्षा के सवालों से ज्यादा तो समय से पेपर देने का तनाव था। लग रहा था कि कहीं कुछ ऐसा न हो कि पेपर निरस्त हो जाए। - हिमांशु रायबरेली

पेपर बेहद आसान था कट ऑफ अधिक जाएगी। सामान्य ज्ञान थोड़ा सा कठिन था, बाकी पेपर अच्छा गया।-रानी, औरैया

गर्मी अधिक थी हालांकि केंद्र में ठीक व्यवस्था थी। बेहद सघन तलाशी ली गई। पेपर बेहद आसान था। -श्रेयांश, झांसी
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