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जनता के सेवक बनें, दुख-दर्द सुनें ः आईजी पांडेय

Thu, 18 Dec 2014 03:26 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
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‘आप जनता के सेवक हैं, सेवक बन कर जनता को सम्मान दीजिए, पब्लिक को डराना छोड़ दें। थाने में मेज पर पैर चढ़ाकर बैठकर शासक बनने की कोशिश न करें।
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शिकायत लेकर थाने पहुंचे व्यक्ति की पीड़ा सुनें, उसके दुख को महसूस करें और एफआईआर दर्ज कर अपना काम कीजिए’। बुधवार को आईजी आशुतोष पांडेय ने रागेंद्र स्वरूप आडीटोरियम में एसओ, कांस्टेबल और तमाम पुलिस कर्मियों को सामाजिकता और मानवीयता का पाठ पढ़ाया।

साथ ही हिदायत दी कि जनता की नजर में जिस तरह पुलिस की छवि बिगड़ रही है, उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, पुलिस अपना रवैया सुधारे और आम आदमी से आम आदमी की तरह पेश आए।
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इस मौके पर आईजी ने जहां तमाम वक्ताओं के सुझाव भी सुने, पुलिस से धाराएं पूछीं वहीं टेंपो, रिक्शा, आटो चालकों और पुलिस कर्मियों की शिकायतें भी सुनीं।

उन्होंने साफ कहा कि चकेरी, बर्रा, नौबस्ता, कल्याणपुर और किदवई नगर समेत शहर के छह थाने पुलिस की क्षवि खराब कर रहे हैं। जल्द ही इन्हें सुधारा जाएगा।

बताया कि नौबस्ता, कल्याणपुर, नजीराबाद, बर्रा और चकेरी थानों को मॉडल थाने के रूप में जनता और दूसरे थानों के सामने पेश किया जाएगा। वे स्वयं इन थानों की मॉनीटरिंग करेंगे।

एक हफ्ते में आम जनता को एक यूनीक नंबर दिया जाएगा, इस नंबर पर जनता पुलिस की शिकायत के अलावा समस्या भी बता सकती है। आईजी ने इटैलियन इकोनॉमिस्ट परेटो के रूल का हवाला देते हुए कहा कि इस रूल के अनुसार जिन 20 फीसदी लोगों के पास 80 फीसदी व्यवस्था है उन 20 फीसदी लोगों को ठीक कर दीजिए, व्यवस्था दुरुस्त होने लगेगी।

पुलिस अफसरों ने छह थाने गोद लिए

सांसदों के गांव गोद लेने की तर्ज पर पुलिस अफसरों ने भी थाने गोद लेने की पहल की है। आईजी आशुतोष पांडेय ने खुद कल्यानपुर थाने को गोद लिया।

साथ ही अफसरों को भी चुनाव के लिए प्रोत्साहित किया। डीआईजी एन.चौधरी ने बर्रा थाना, एसएसपी ने नौबस्ता, एसपी पश्चिम ने किदवई नगर, एसपी पूर्वी ने चकेरी और एसपी ग्रामीण ने महाराजपुर थाने को गोद लिया है। चुने गए छह थानों की मॉनीटरिंग आईजी समीक्षा के दौरान करेंगे।

आईजी ने बताया कि जो थाने गोद लिए गए हैं, वहां अपराध की रोकथाम से लेकर जन समस्या सुलझाने तक की पहल पुलिस करेगी। विवेचना का पुलिंदा निस्तारित किया जाएगा। जनता से मिलने उन्हें सुनने का समय तय होगा।
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हर प्रार्थना पत्र की मौके पर जाकर छानबीन और निस्तारण होगा। हर तरह की एफआईआर दर्ज होगी। टालमटोल नहीं होगा। क्राइम की दृष्टि से इस थानाक्षेत्र का ऐसा खाका बनाया जाएगा कि जनता से अपराधी का भय खत्म हो जाए।

जनता और पुलिस एक मित्र की तरह संवाद कर अब तक के डर और संवादहीनता को खत्म करेगी। इससे पुलिस और जनता के बीच अविश्वास की खाई भी दूर होगी।
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