सरवनखेड़ा (कानपुर देहात) गजनेर थाना क्षेत्र के नंगापुर गांव में रह रहे एनडीपीएस एक्ट के आरोपी की हत्या के मामले में पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर दिसंबर माह में रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस मामले की जांच कर रही थी। इसी बीच पुलिस को मृतक के जिंदा होने की जानकारी मिली। पुलिस ने उसे जिंदा बरामद किया। इस मामले में जानबूझकर झूठे और मनगढ़ंत आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराने वाले वादी के खिलाफ कार्रवाई के लिए न्यायालय को रिपोर्ट भेजी गई है।
कानपुर नगर के सजेती थाना क्षेत्र के निबियाखेड़ा निवासी रज्जन उर्फ जाहिर हसन (52) करीब 20 सालों से गजनेर थाना क्षेत्र के नंगापुर गांव में रह रहा था। करीब 10 साल पहले वर्ष 2016 में मादक पदार्थ रखने के आरोप में उसे एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल गया था। जिसकी जमानत नंगापुर गांव के ही सगुन ने ले रखी थी। करीब आठ साल पहले रज्जन गांव के बलवान को अपना घर आदि बेचकर कहीं चला गया था।
इधर रज्जन के गायब होने के बाद से वह कोर्ट में हाजिर नहीं हो रहा था। एनडीपीएस एक्ट के तहत जमानतगीर सगुन के पास लगातार कोर्ट से सम्मन आने लगे। बार-बार कोर्ट के चक्कर लगाने से परेशान होकर सगुन ने कोर्ट में रज्जन की हत्या हो जाने की बात कही। उसने न्यायालय की शरण ली और रज्जन के दामाद आमिर और समधी रज्जाक निवासी मंधना थाना बिठूर, कानपुर पर उसकी हत्या कर शव गायब करने की शिकायत दर्ज कराई। न्यायालय के आदेश पर 15 दिसंबर 2025 को गजनेर थाने पुलिस ने साजिश के तहत हत्या करने व शव छिपाने की धारा में मुकदमा दर्ज किया। इसमें आमिर और रज्जाक को आरोपी बनाया गया।
पुलिस मुकदमे की जांच कर रही थी तभी मृतक के जीवित होने की बात सामने आई। गजनेर थाने के अपराध निरीक्षक धीरेंद्र सिंह ने मामले की गंभीरता को समझते हुए उसकी तलाश तेज कर दी। पुलिस ने रज्जन को ग्राम उदईपुर थाना साड़ जनपद कानपुर नगर से सकुशल बरामद कर लिया और उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। थानाध्यक्ष जनार्दन प्रताप सिंह ने बताया कि इस मामले में जुर्म की पड़ताल करते हुए वादी मुकदमा सगुन के विरुद्ध कार्रवाई के लिए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट भेजी गई है।
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उदईपुर में रह रहा था रज्जन, पुलिस ने भेजी फाइनल रिपोर्ट-
गजनेर पुलिस को जब पता चला कि जिस रज्जन की हत्या के मामले में रिपोर्ट दर्ज है। वह कानपुर नगर के साड़ थाना क्षेत्र के उदईपुर में रह रहा है। इस पर पुलिस ने बिना देर किए हुए पहले सटीक जानकारी जुटाई। इसके बाद जहां वह रह रहा था वह दबिश देकर 29 जनवरी को उसे बरामद कर लिया। पुलिस थाना लाकर उससे पूछताछ की। इसके बाद उसे वीडियोग्राफी के बीच बयान दर्ज करने के साथ ही कोर्ट में बयान कराए गए। एसओ जनार्दन प्रताप सिंह ने बताया कि इस मामले में तीन फरवरी को फाइनल रिपोर्ट कोर्ट भेज दी गई।
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रिश्तेदारों को मिली राहत, वादी सगुन फंसा
रज्जन उर्फ जाहिर हसन की हत्या को लेकर जमानतगीर सगुन ने सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। इसमें रज्जन के दामाद आमिर व उसके समधी रज्जाक पर ही हत्या किए जाने के आरोप लगाए। कोर्ट के आदेश पर जब पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया तो आमिर व रज्जाक भौचक्के रह गए। रज्जाक के बारे में परिवार के लोग भी सही जानकारी नहीं दे पा रहे थे। इधर परिवार के लोगों के साथ आरोपी भी परेशान थे। 29 जनवरी को जब पुलिस ने रज्जन को जिंदा बरामद किया तो आरोपी बनाए गए दामाद और समधी ने राहत की सांस ली, लेकिन सगुन अपनी ही रची गई साजिश में फंस गया।