इटावा जिले में भरथना मार्ग पर सती मंदिर के पास मुठभेड़ में पुलिस ने किसान जगमोहन की हत्या के एक आरोपी को दबोच लिया। जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी है। पुलिस का दावा है कि किसान की हत्या उसी के दोनों बेटों ने इसी के साथ मिलकर की है।
इसके लिए इसे 50 हजार रुपये का लालच भी दिया था। दोनों बेटे किसान के पैसों को बर्बाद करने के रवैये से नाराज थे। दोनों बेटों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। एसएसपी आकाश तोमर ने बताया कि बकेवर थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि छह अगस्त को घुघसीना गांव के पास हुई किसान जगमोहन की हत्या में शामिल एक बदमाश बाइक से बकेवर से भरथना की तरफ जाने वाला है।
इस पर थाना प्रभारी रमेश सिंह और क्राइम ब्रांच टीम ने भरथना ओवरब्रिज पुल पर जाल बिछाया। थोड़ी देर बाद इटावा की तरफ से बाइक पर आए युवक को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो उसने फायर कर भागने की कोशिश की। सती मंदिर के पास जवाबी कार्रवाई में युवक के दाहिने पैर पर पुलिस की गोली लगी और वह गिर गया।
पुलिस ने उसे जिला अस्पताल भिजवाया। एसएसपी ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान पकड़े गए बदमाश का नाम सुशांत सिंह चौहान उर्फ विशाल सिंह पुत्र उमेश सिंह निवासी ग्राम नगला धीर थाना एका जिला फिरोजाबाद है।
पुलिस का दावा है कि पूछताछ में बदमाश ने 6 अगस्त को घुघसीना के किसान जगमोहन भदौरिया की गोली मारकर हत्या करना कबूला है। बकौल सुशांत सिंह हत्या के बदले 50 हजार रुपये दिए जाने थे। जिसे लेने वह फिरोजाबाद से घुघसीना गांव जा रहा था।
सुशांत ने बताया कि जगमोहन की हत्या उन्हीं के पुत्र देवेंद्र सिंह भदौरिया और धर्मेंद्र भदौरिया ने करवाई थी। बताया गया कि जगमोहन घर के पैसों को ऐशोआराम में उड़ाता था। घर में झगड़ता रहता था। जमीन बेचने के लिए किसी से 50 हजार रुपये ले लिए थे।
इस बात को लेकर अपने पिता से नाराज होकर दोनों पुत्रों ने पिता को रास्ते से हटाने का इरादा बना लिया। इसके लिए उनके छोटे पुत्र धर्मेंद्र जो दिल्ली में सिलाई का काम करता था, उसने अपने साथी सुशांत सिंह से संपर्क किया।
पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान जगमोहन की हत्या में इस्तेमाल किए गए तमंचे को भी सुशांत सिंह से बरामद किया है। पुलिस ने मुठभेड़ में पकड़े गए सुशांत सिंह और धर्मेंद्र भदौरिया के विरुद्ध पुलिस मुठभेड़ के तहत मामला दर्ज किया है। वहीं बताया गया कि पुलिस ने मृतक किसान जगमोहन के दोनों पुत्रों को घर से उठा लिया है, जिनसे पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम पूछताछ कर रही है।
दिल्ली में कपड़े सिलाने धर्मेंद्र के पास आता था सुशांत
धर्मेंद्र दिल्ली में कपड़ा सिलाई का काम करता था। फिरोजाबाद का 22 वर्षीय सुशांत सिंह भी दिल्ली में ही प्राइवेट नौकरी करता था। सुशांत सिंह कपड़े सिलाने धर्मेंद्र के पास आता रहता था, जहां कुछ दिनों में ही दोनों में गहरी दोस्ती भी हो गई।
धर्मेंद्र ने सुशांत सिंह से अपने घर की समस्या को बताकर मदद करने को कहा था। इस पर 50 हजार रुपये तक धर्मेंद्र ने इस पर खर्च करने का लालच दिया। इस संबंध में थाना प्रभारी बकेवर रमेश सिंह का कहना है कि सुशांत सिंह ने 50 हजार रुपये लेकर खुद हत्या करने के लिए राजी होने की बात स्वीकारी है। धर्मेंद्र के साथ पल्सर पर आकर उसने जगमोहन की हत्या कर दी।
दिल्ली से चोरी हुई थी पल्सर
पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान जो पल्सर बाइक बरामद की वह भी चोरी की है। मुठभेड़ के दौरान सुशांत सिंह चौहान उर्फ विशाल सिंह भाड़े पर की गई जगमोहन की हत्या के पैसे लेने जिस पल्सर से आ रहा था वह दिल्ली से चोरी हुई थी। थाना प्रभारी ने बताया कि हत्यारोपी सुशांत सिंह से बरामद पल्सर बाइक पर दिल्ली का नम्बर पड़ा है, जिसको एप पर डालकर चेक किया गया तो किसी तान्या निवासी करदमपुरी, गोकुलपुर नॉर्थईस्ट दिल्ली के नाम पर बाइक रजिस्टर है।