आराम करते पुलिसकर्मी और दस हजार का इनामी डाकू नवल धोबी, फाइल फोटो
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उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के सीमा क्षेत्र नयागांव थर पहाड़ से अपहृत दो शिक्षकों का अबतक पुलिस कोई सुराग नहीं लगा सकी है। यहां तक कि जंगलों में यूपी-एमपी के जिले की पुलिस टीमें कांबिंग- कांबिंग खेलती नजर आईं। अपहृत शिक्षकों का पता चले या ना चले लेकिन कांबिंग के दौरान बुधवार की दोपहर में एक पेड़ के नीचे पुलिस कर्मी असलहे पेड़ से टिकाकर आराम करते नजर आए।
थरपहाड़ शासकीय विद्यालय से पढ़ाकर लौट रहे टेढ़ी निवासी शिक्षक फूलसिंह गौंड और रामप्रताप पटेल उर्फ पप्पू का अज्ञात डकैतोें ने अपहरण कर दस लाख की फिरौती मांगी है। इस घटना के छह दिन बाद भी सीमा क्षेत्र के देानों ओर चित्रकूट उप्र व चित्रकूट मप्र (सतना) के पुलिस अधिकारी शिक्षकों को नहीं छुड़ा पाए हैं। सर्विलांस के सहारे ही पुलिस का इंतजार चल रहा है। लेकिन चालाक अपहरणकर्ताओं ने भी मोबाइल का प्रयोग कम कर दिया जिससे पुलिस की परेशानी बढ़ गई है।
सतना एसपी राजेश हिंडगकर ने बताया कि लगभग 100 पुलिसकर्मी सिर्फ इसी आपरेशन में लगे हैं कि किसी तरह देानों शिक्षकों को सकुशल छुड़ा लें इसके बाद डकैतों को नेस्ताबूत करें। इस अपहरण में डाकू नवल धोबी का हाथ सामने आने के बाद चित्रकूट एसपी प्रताप गोपेंद्र सिंह और सतना एसपी राजेश हिंडगकर सेजवार से लेकर सती अनुसूइया, मारकुंडी, बहिलपुरवा, निही, कोल्हुआ के जंगलाें में कांबिंग कर रहे हैं। इस दौरान कई बार तो ऐसा भी हुआ कि घने जंगल व उंचे पहाड़ों में कांबिंग करते करते थके पुलिसकर्मी पेड़ के सहारे असलहे रखकर आराम भी किया। इसके बाद मिशन में जुट गए।
सेजवार के जंगल में मिली लोकेशन
अपहृत शिक्षकों के साथ डाकू नवल धोबी गैंग की लोकेशन मिलने पर मप्र पुलिस टीम ने पूरे जंगल को घेरने का प्रयास शुरू किया है। जिससे संभावना है कि पुलिस को जल्द कोई सफलता मिल सकती है। दस हजार का इनामी डाकू नवल धोबी पहले गैंग के सरगना डाकू ललित पटेल का खास सिपलसार था। उसकी मौत के बाद से धीरे धीरे नया गैंग तैयार कर रहा है। इसके खिलाफ मप्र क्षेत्र में चार मामले दर्ज हैं। तिहरे हत्याकांड में भी यह शामिल था। इसका यूपी क्षेत्र में फिलहाल कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है।