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व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी हत्याकांड: पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे सपा कार्यकर्ता, भारी फोर्स तैनात

Wed, 23 Sep 2020 12:48 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
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भारी फोर्स तैनात - फोटो : अमर उजाला
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यूपी के हमीरपुर जिले में लखनऊ से आ रहे सपाइयों को जिले की सीमा पर यमुना पुल पर रोकने के लिए सीओ सदर समेत भारी पुलिस बल पहुंचा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर पार्टी नेताओं की एक समिति महोबा में हुई व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी की हत्या की पूरी जानकारी लेने के लिए उनके परिवार से मिलने जा रही है।
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उनके आने की सूचना पर डीआईजी के निर्देश के बाद कानपुर सागर हाईवे पर यमुना पुल पर भारी पुलिस फोर्स सीओ अनुराग सिंह के नेतृत्व में तैनात की गई है। वहीं हाईवे पर थाना सुमेरपुर और मौदहा में पुलिस लगाई गई है। आने वाले सपा नेताओं को कबरई महोबा जाने से रोका जाएगा।
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महोबा जा रहे पूर्व मंत्री समेत तमाम सपाई नजरबंद

महोबा में मारे गए क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी के परिजनों से बुधवार को मिलने जा रहे सपा सरकार के पूर्व मंत्री मनोज पांडेय और बहराइच के पूर्व विधायक केके ओझा को पुलिस और पीएसी ने जाजमऊ चेक पोस्ट पर रोक लिया।  

उन्हें और कई सपाइयों को कैंट स्थित कृषि विभाग के गेस्ट हाउस ले जाकर नजरबंद कर दिया। सपा नेताओं पुष्पेंद्र द्विवेदी, वरुण जायसवाल, प्रतीक अवस्थी, अर्पित द्विवेदी आदि ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर हंगामा किया।

मनोज पांडेय ने कहा कि सरकार सपा नेताओं से भयभीत है। उधर, चकेरी इंस्पेक्टर ने बताया कि शाम करीब छह बजे पूर्व मंत्री को लखनऊ भेज दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम में करीब आधा घंटे तक हाईवे पर जाम की स्थिति रही।

वहीं सपा महानगर अध्यक्ष डॉ. इमरान और पूर्व महानगर अध्यक्ष ओमप्रकाश मिश्रा को भी महोबा जाते समय पुलिस ने उनके घरों से पकड़ लिया और किदवईनगर के संजय वन में नजरबंद कर दिया। इस पर सपाइयों ने हंगामा किया।

मिश्रा ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर सपा का प्रतिनिधि मंडल दुखी परिजनों को सांत्वना देने के लिए महोबा जा रहा था लेकिन पुलिस- प्रशासन ने गैरकानूनी रूप से उन्हें नजरबंद कर दिया, शाम को उन्हें छोड़ा गया। डॉ. इमरान ने इसे सरकार का अलोकतांत्रिक कदम बताया।
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