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यूपी: थाना परिसर में लटका मिला सिपाही का शव, परिजनों ने हत्या का आरोप लगाकर किया हंगामा

Thu, 23 Jul 2020 04:46 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
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मृतक सिपाही रमेश चंद्र यादव - फोटो : amar ujala
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जालौन जिले में कदौरा थाना परिसर की ऊपरी मंजिल पर स्थित कमरे में सिपाही का शव लटकते देख पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया। आनन फानन में सूचना अधिकारियों को दी गई। इसके बाद एसपी डॉ सतीश कुमार और एएसपी डॉ अवधेश कुमार भी फोरेंसिक टीम के साथ पहुंचे।
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थाना पुलिस के मुताबिक सिपाही बीमार था पर बीमारी क्या थी, इसका जवाब किसी के पास नहीं था। दोपहर बाद पहुंचे परिजनों ने थाने के सहकर्मियों पर ही हत्या का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। जिन्हें पुलिस ने मुश्किल से शांत कराया।

एसपी का कहना है कि प्रथमदृष्ट्या मामला सुसाइड का ही लग रहा है लेकिन अभी सही कारण नहीं पता चल सका है। रही बात परिजनों के आरोप की तो इसकी हकीकत पीएम रिपोर्ट से सामने आएगी।
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गुरुवार सुबह करीब आठ बजे थाने में पानी का कंटेनर रखने वाला युवक जैसे 1993 बैच के सिपाही रमेश चंद्र यादव (45) पुत्र छिमादार यादव निवासी थाना कुलपहाड़ जिला महोबा के कमरे में पहुंचा तो सामने चादर से छत की खूंटी के सहारे लटकते उसके शव को देख युवक के होश उड़ गए।
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उसने आनन फानन में नीचे आकर पुलिस कर्मियों को सूचना दी। जिसके बाद दरोगा और सिपाहियों के हाथ पांव फूल गए। करीब तीन घंटे के बाद एएसपी मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी की। कुछ ही देर में एसपी और फोरेंसिक टीम भी पहुंची और जांच पड़ताल में जुट गई।

थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने अधिकारियों को बताया कि रमेश बीमार था पर क्या बीमारी थी, यह नहीं बता सके। थोड़ी ही देर में दोपहर दो बजे के आसपास रमेश के परिजन भी सौ डेढ़ सौ ग्रामीणों के साथ महोबा से आ गए, तब तक सिपाही का शव फंदे से ही लटका रहा।

शव की स्थिति देख परिजनों ने संदेह जताते हुए थाने में तैनात रमेश के सहकर्मियों पर ही उसे मारकर लटकाने का आरोप लगाने लगे। भीड़ थाना परिसर से लेकर बाहर गेट तक हंगामा करती रही और शव को फंदे से उतरने नहीं दिया।

यह देख आसपास के चार पांच थानों की फोर्स भी बुला ली गई और भीड़ की घेराबंदी कर दी गई। कुछ समय बाद थाने में ही मौजूद एसपी ने बड़ी मुश्किल से भीड़ को समझा बुझाकर शांत कराया। तब जाकर शाम चार बजे के आसपास शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।

भाई अर्जुन और पत्नी शैल का रो रोकर बुरा हाल था। उन्हें सिपाहियों के साथियों ने ढांढस बंधाया। पुलिस काफी देर तक कमरे को भी खंगालती रही, ताकि कोई सुसाइड नोट मिल सके लेकिन पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा। एसपी का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है, यदि सुसाइड है तो कारण भी पता किया जा रहा है। बाकी चीजें पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर स्पष्ट हो सकेंगी।  
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