पान अाैर सुपाड़ी का साथ बिलकुल वैसा ही है जैसा चाेली अाैर दामन का हाेता है पर जब सुपाड़ी पान से अलग हाे जाती है ताे हंगामा खड़ा हाे जाता है। कुछ एेसा ही हुुअाा कानपुर शहर में जब एक दराेगा जी ने बिना पान के सुपाड़ी पकड़ ली।
कानपुर के हूलागंज में मंगलवार को एक ऐसा ही मामला सामने आया जब सुपाड़ी काे पान से दूर पाया गया। स्टेट जीएसटी के अफसरों की मौजूदगी के बगैर विभागीय पोस्टिंग पर आए दरोगा विश्वनाथ सोनकर ने एक व्यापारी का सुपाड़ी से भरा लोडर पकड़ लिया।
दराेगा ने काफी देर तक उसे रोके रखा। इस पर व्यापारियों ने हंगामा किया। दरोगा पर वसूली का आरोप लगाया। मामला बढ़ता देख दरोगा ने विभागीय अफसरों को सूचना दी। इसके बाद सचल दल की टीम मौके पर पहुंची।
टीम ने सुपाड़ी व्यापारी के सभी दस्तावेज चेक किए और लोडर पकड़कर लखनपुर स्थित कार्यालय ले आई। व्यापारियों ने इसकी शिकायत एडिशनल कमिश्नर ग्रेेड-1 प्रमोद कुमार मिश्रा से की है। दरोगा विश्वनाथ सोनकर का कहना है कि उसने वरिष्ठ अधिकारियों के कहने पर गाड़ी पकड़ी थी। जैसा निर्देश था वैसा ही काम किया।
व्यापारियाें का अाराेप है वाहनों की चेकिंग के नाम पर स्टेट जीएसटी के अफसरों ने पहले की तरह मनमानी शुरू कर दी है। विभागीय सिपाहियों और दरोगाओं के जरिये माल लदे वाहन रोके जा रहे हैं जबकि पुलिस को अफसरों की मौजूदगी के बगैर माल लदे वाहन को रोकने का अधिकार नहीं है।
एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 प्रमोद कुमार मिश्रा ने कहा प्रकरण मेरी संज्ञान में आया है। सचल दल के प्रभारी अधिकारी से इसकी जानकारी करूंगा। विभागीय अफसरों की मौजूदगी के बिना पुलिस को माल लदी गाड़ी पकड़ने का अधिकार नहीं है।