मौरंग के अवैध कारोबार में लिप्त माफियाओं पर शासन स्तर से शिकंजा कसा गया है। शुक्रवार देर रात प्रदेश की विशेष सचिव और निदेशक भूतत्व (खनिज) डॉ.रोशन जैकब की अगुवाई में अधिकारियों की चार टीमों ने एक साथ घाटमपुर और सजेती थानाक्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान दोनों थानाक्षेत्रों में बिना रायल्टी अदा किए और ओवरलोड 46 ट्रकों को पकड़ा गया। सीओ शैलेंद्र सिंह ने बताया कि खनन निरीक्षक की तहरीर पर ट्रक नंबर के आधार पर थाना घाटमपुर और सजेती में मुकदमे लिखाए गए हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
बिना रायल्टी अदा किए खदानों से मौरंग की ढुलाई के साथ ही ओवरलोड माल निकाला जाता रहा है। स्थानीय पुलिस-प्रशासन कार्रवाई नहीं करता इसलिए अधिकारियों ने कार्रवाई के लिए कानपुर शहर के थानों का पुलिस बल अपने साथ लिया। चार टीमें गठित की गईं। रात एक बजे के बाद मोर्चों पर टीमें तैनात हो गईं। इसके बाद सजेती और घाटमपुर थानों के पुलिस बल को भी मौके पर बुलवा लिया गया।
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अधिकारियों ने सभी के फोन स्विच ऑफ करवा दिए थे। टीमों को टोल प्लाजा अलियापुर (सजेती), दुर्गा देवी तिराहा (यमुना नदी पुल के पास) और अनूपुर मोड़ पर तैनात किया। डॉ. रोशन खुद घाटमपुर कसबे के मुख्य चौराहे पर दल-बल के साथ मौजूद रहीं। अभियान में एआरटीओ प्रभात कुमार पांडेय और खनिज अधिकारी दिनेश कुमार को भी शामिल किया गया था। बिना रॉयल्टी अदा किए और ओवरलोड मौरंग लादकर निकलने वाले 46 ट्रक और डंपरों को टीमों ने पकड़ा।
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कार्रवाई की भनक जैसे ही हमीरपुर की मौरंग खदानों में पहुंची तभी वहां ट्रकों की लोडिंग रोक दी गई। उधर से मौरंग लादकर आ रहे ट्रकों को उनके आकाओं ने यमुना नदी के उस पार ही रुकवा दिया जिससे टीमों के वापस लौटने के बाद कानपुर-सागर राजमार्ग पर करीब पांच घंटे जाम की स्थिति बनी रही। कई ट्रक चालक ट्रकों को खड़ा करने के बाद चाबी लेकर भाग निकले। पुलिस ने ऐसे कई ट्रकों के टायरों को पंचर कर दिया और बाद में क्रेन की मदद से उनको रोड के किनारे खड़ा करवा दिया। कई प्रभावशाली ट्रांसपोर्टरों ने अभियान की मुखिया के ऊपर ट्रकों को छोड़ने की सिफारिश का दबाव बनाया। लेकिन डॉ.रोशन जैकब ने उनकी एक नहीं सुनीं।
पहली टीम मुख्य विकास अधिकारी (कानपुर) अक्षय त्रिपाठी, दूसरी ज्वाइंट मजिस्ट्रेट (घाटमपुर) शशांक चौधरी और तीसरी टीम एसीएम पंचम (कानपुर) प्रेरणा सिंह के नेतृत्व में गठित की गई। चौथी टीम में खुद विशेष सचिव शामिल थीं।