कानपुर देहात। अकबरपुर कोतवाली के माती में हाईवे पर सोमवार की दोपहर बाइक सवार दरोगा को डंपर ने टक्कर मार दिया था। उपचार के दौरान कानपुर हैलट अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार को उनका शव माती पुलिस लाइन लाया गया। वहां सीओ की मौजूदगी में जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर साथी को अंतिम विदाई दी। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए पैतृक घर जिला महोबा शव ले गए।
मूल रुप से कुलपहाड़ महोबा के रहने वाले दरोगा अरुण कुमार यादव (50) कलक्ट्रेट स्थित कोरोना कंट्रोल में रूम ड्यूटी कर रहे थे। सोमवार को वह ड्यूटी के दौरान किसी काम से माती गए थे। वहां हाईवे पर डंपर ने बाइक में टक्कर मार दिया था। वह गंभीर रुप से घायल हो गए थे। जिला अस्पताल से रेफर किया गया था। हैलट में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी। रात में वहां पोस्टमार्टम किया गया। मंगलवार की भोर पहर शव माती पुलिस लाइन लाया गया। वहां सीओ संदीप सिंह, आरआई चंद्रभूषण पांडेय की मौजूदगी में जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई की। उनका शव देखकर पिता राधेलाल यादव बिलखने लगे। मृतक का बेटा शैलेंद्र सिंह लखनऊ मेट्रो में कर्मचारी है जबकि छोटा बेटा उपेंद्र यादव पुलिस में सिपाही है। वह आगरा में तैनात है। बड़ी बेटी अंजना की शादी हो चुकी है। शैलेंद्र सिंह ने बताया कि झांसी जिले के हसारी में उनका मकान है। वहां मां भारती यादव व छोटी बहन संजना रहती है। बताया कि पिता का अंतिम संस्कार पैतृक गांव कुलपहाड़, जिला महोबा में किया जाएगा।
बता दें कि मृतक अरुण कुमार यादव 1984 बैच के सिपाही थे। वह प्रमोशन पाकर सब इंस्पेक्टर बने थे। जिले में करीब तीन साल से तैनात थे। वह भोगनीपुर व रूरा थाने में भी तैनात रह चुके हैं। उनके अंतिम विदाई के कार्यक्रम में पुलिस लाइन के सभी इंस्पेक्टर सीओ उमाशंकर सिंह मौजूद रहे।