कानपुर। करीब साल भर पूर्व साइबर ठगी के एक मामले में साइबर पुलिस पर आरोपी को रुपये लेकर छोड़ने का आरोप है। पटकापुर निवासी महिला ने साइबर थाने में नवंबर 2025 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप है कि उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर 6.66 लाख की ठगी हुई थी। जनवरी 2026 में साइबर टीम के तीन दरोगा समेत पांच पुलिस कर्मी सहारनपुर के तीन युवकों को थाने लेकर आई थी। इसमें राघव रोहिल्ला और नावेद को जेल भेजा गया, लेकिन तीसरे को रुपये लेकर छोड़ दिया गया। नावेद के पिता कपड़ा कारोबारी इमरान का आराेप है कि जिसे छोड़ा गया वही असल में साइबर ठग था। उसी का साइबर ठगी की रकम को लेकर राघव से झगड़ा हुआ था। नावेद ने तो सिर्फ दोनों में समझौता कराया था। पुलिस ने उनके बेटे को छोड़ने के लिए रुपये मांगे थे। मांग पूरी न होने पर नावेद को जेल भेज दिया गया। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल का कहना है कि प्रकरण की जांच तत्कालीन डीसीपी क्राइम श्रवण कुमार सिंह को दी थी, लेकिन किसी कारणवश जांच पूरी नहीं हो सकी। फिलहाल दोबारा जांच कराई जाएगी, जो दोषी होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा। (ब्यूरो)