कानपुर। पोस्टमार्टम हाउस के कर्मचारी के तबादले से लावारिस शवों के पोस्टमार्टम की व्यवस्था लड़खड़ा गई है। उर्सला में भर्ती 56 वर्षीय बुजुर्ग की 24 सितंबर को मौत हो गई थी। शव का बुधवार तक पोस्टमार्टम नहीं हो सका। वहीं पोस्टमॉर्टम हाउस कर्मचारियों का कहना है कि यह काम पुलिस की ओर से संजय सिंह के जिम्मे था। करीब एक सप्ताह पहले उनका लखनऊ स्थानांतरण हो गया। उनके बाद दो दिन सिपाही धर्मेंद्र ने काम संभाला। वह भी हट गए। पोस्टमॉर्टम प्रभारी विपुल चतुर्वेदी ने बताया कि अंगुली छाप और फोटो लेना पुलिस की जिम्मेदारी है। अंगुली छाप उपलब्ध न होने के कारण पोस्टमॉर्टम नहीं हो सका।