डेमाे पिक
आबकारी विभाग के अफसरों से उलट यूपी एसटीएफ (स्पेशल टॉस्क फोर्स) बड़े खुलासे किए हैं। नकली शराब बनाने वाले गैंग से जुड़े कई लोगों को जेल भी भेजा है। एसटीएफ की स्थानीय इकाई ने 26 दिसंबर-2017 को सचेंडी इलाके में एक डीसीएम को पकड़ा था। उसमें 100 ड्रम रेक्टीफायड लिकर के साथ गन्नौर, सोनीपत के साहिल और इमरान को गिरफ्तार किया था। यह लोग यूपी और बिहार में अवैध शराब आपूर्ति करते थे। यह लोग प्रधान जी नाम के शख्स को लिकर की आपूर्ति देने यहां आए थे। तब एसटीएफ ने माना था कि बरामद लिकर से 16 हजार 500 लीटर शराब बन सकती थी। फिर इसे नकली रैपर, होलोग्राम और ढक्कन लगाकर पैक कर असली के रूप में सरकारी दुकानों में सप्लाई किया जाता। प्रधान को एफआईआर में नामजद किया गया था, लेकिन प्रधान कौन है और कहां का रहने वाला है। इसका पुलिस अभी तक सुराग नहीं लगा सकी है।