वायरल संक्रमण के रोगी लगातार बढ़ रहे हैं। इसके साथ वायरल डायरिया के रोगियों के शरीर में पानी और नमक की कमी होने से गुर्दों में खराबी आ रही है। रोगियों के सीरम क्रेटेनिन बढ़ जा रहा है। जो पहले से सांस तंत्र के रोगी हैं, उनकी तबीयत अधिक बिगड़ रही है।
अस्पतालों में निमोनिया के रोगी बढ़ गए हैं। एक निमोनिया रोगी की मौत हो गई। सोमवार शाम तक हैलट इमरजेंसी में 32 रोगियों को गंभीर हालत में भर्ती किया गया।
मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि उनकी ओपीडी में 300 रोगी आए। इनमें वायरल डायरिया और संक्रमण के रोगी अधिक रहे हैं। वायरल संक्रमण के कारण पेट दर्द के रोगी अधिक आए हैं। उन्होंने बताया कि इस मौसम वायरल संक्रमण अधिक बढ़ता है।
डायरिया रोगियों को निमोनिया हो जा रहा है। साथ ही सांस के रोगी बढ़े हैं। डायरिया होने के बाद कुछ रोगी एक्यूट रीनल फेल्योर में चले जा रहे हैं। इमरजेंसी में लिवर और गुर्दा फेल, ब्रेन हेमरेज और सांस के रोगियों को भर्ती किया गया है।
बिधनू के अस्थमा रोगी नीरज (52) की वायरल निमोनिया से मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि उनका कल्याणपुर के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। डॉक्टरों का कहना है कि सांस तंत्र के रोगी अपने डॉक्टर से मिलकर दवा की खुराक दुरुस्त करा लें।