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'गदर' देखते-देखते PM मोदी को आया था इस शहर की 'गंदगी का ख्याल' 

Wed, 06 Dec 2017 03:58 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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दो जुलाई 2001 को जब वह फिल्म देखने गए थे
आज से करीब 17 साल पहले नरेंद्र मोदी भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन का दायित्व निभा रहे थे। संगठन का जिम्मा होने के नाते वह कानपुर में आयोजित संघ की तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यसमिति में शिरकत पहुंचे थे। इस बीच, उन्होंने कानपुर किदवईनगर जूही के पास स्थित लाल पैलेस में सनी देओल अभिनीत फिल्म गदर भी देखी थी। दो जुलाई 2001 को जब वह फिल्म देखने गए थे, तब उनके साथ भाजपा के युवा नेता और वर्तमान में क्षेत्रीय पदाधिकारी प्रमोद अग्रहरि बार्डर थे। कानपुर के उस प्रवास के समय भी उन्होंने यहां गंदगी को लेकर अपने सहयोगियों से चर्चा की थी। फिल्म देखकर लौटते समय की यह तस्वीर अमर उजाला ने अपने कैमरे में कैद की थी। बताते चलें कि उसी साल (2001) अक्तूबर में भाजपा ने केशुभाई पटेल की जगह नरेंद्र मोदी को मुख्यमंत्री पद का दायित्व सौंप दिया था।कानपुर महानगर की गंदगी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बहुत पहले से परिचित हैं।  
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दो जुलाई 2001 को जब वह फिल्म देखने गए थे, तब उनके साथ भाजपा के वर्तमान में क्षेत्रीय पदाधिकारी प्रमोद थे
दूर करना इतना आसान भी नहीं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहर की नवनिर्वाचित महापौर प्रमिला पांडेय के सामने कानपुर की गंदगी को लेकर जो चिंता जाहिर की है, उसे दूर करना इतना आसान भी नहीं है। महानगर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के रास्ते में कई बाधाएं हैं, जिससे जल्दी निजात मिलना संभव नहीं है। सिर्फ शहर से कूड़ा उठाने और झाड़ू के काम के लिए ही नगर निगम के पास पूरे संसाधन मौजूद नहीं हैं। 
 
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कानपुर से ही हुई थी स्वच्छता ही सेवा अभियान की शुरुआत
कानपुर शहर से रोजाना 10 लाख किलोग्राम कूड़ा निकलता है। डंपिंग ग्राउंड तक पहुंचते-पहुंचते यह काफी कम हो जाता है। इसकी कई वजह हैं। पहली यह कि जिस जगह पर कूड़ा इकट्ठा किया जाता है। वहां कंटेनर तो रखे होते हैं लेकिन कूड़ा सड़क तक फैला रहता है। जब उसे दूसरी टीम उठाने आती है तो वह बिखरा हुआ रहता है। कूड़े को बिखेरने का काम आवारा जानवर करते हैं। निगम की गाड़ी सिर्फ उतना ही कूड़ा ले जा पाती है जो कंटेनर में हो या एक जगह एकत्र हो। बाकी कूड़ा सड़क के किनारे ही पड़ा रहता है। दूसरी वजह कूड़ा ले जाने वाली गाड़ियों की कमी। जो हैं, उनमें से अधिकांश से कूड़ा ले जाते समय सड़क पर गिरता रहता है। कुछ बड़ी वजहें भी हैं, जिससे शहर को स्वच्छ करने में दिक्कत भी आ रही हैं। जो इस तरह हैं।
 
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कानपुर से ही हुई थी स्वच्छता ही सेवा की शुरुआत
मुख्यमंत्री भी जता चुके हैं चिंता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कानपुर की गंदगी को लेकर चिंता जाहिर कर चुके हैं। कुछ समय पहले सीएसए कृषि यूनिवसि4टी में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने नगर आयुक्त अविनाश सिंह को कानपुर की गंदगी को जड़ से समाप्त करने के लिए चुनौती के तौर पर लेने को कहा था। इस बात का जिक्र मुख्यमंत्री ने सोमवार को प्रधानमंत्री के सामने भी किया। योगी ने कानपुर में गंदगी दूर करने को लेकर अभी तक जो काम हुआ है, उसकी जानकारी भी मोदी के सामने रखी।
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