कानपुर। पीएम आवास योजना में केडीए की लापरवाही से आवंटियों को छह माह बाद भी बिजली और पानी की व्यवस्था नहीं हुई। शाैच के लिए भी खुले में जाने के लिए मजबूर हैं। इससे गुस्साए आवंटियों ने सोमवार को केडीए में प्रदर्शन किया। सचिव और मुख्य अभियंता से सुविधाएं मुहैया कराने की मांग की।
केडीए ने नगवा रोड पर भागीरथी-जाह्नवी योजना में 2208 फ्लैट बनाए हैं। चार मंजिला भवनों में बने ये फ्लैट सितंबर 2004 में आवंटित किए गए थे। यहां रह रहे सिद्धार्थ सिंह, सुखवीर सिंह, कुुंती तिवारी, लक्ष्मी गुप्ता, कुसुम जायसवाल, नासिर अली आदि ने बताया कि उन्हें सभी मूलभूत सुविधाओं के सब्जबाग दिखाकर कब्जा दे दिया गया, पर योजना स्थल में अभी तक बिजली का कनेक्शन ही नहीं जुड़ा है। हर आवास में नल लगा है, पर उसमें पानी कभी नहीं आया।
इतना ही नहीं सीवर लाइनें भी चालू नहीं की गईं, जिसकी वजह से वे खुले में शाैच के लिए मजबूर हैं। पानी भरने के लिए ठेकेदार से आग्रह करना पड़ता है, तब सबमर्सिबल चलाया जाता है। इसके बाद लोग चौथी मंजिल तक एक-एक बाल्टी पानी ले जाने के लिए मजबूर हैं। केडीए के अफसरों से कई बार गुहार लगाई गई, पर हर बार वे टरका देते हैं।
मूलभूत सुविधाएं न होने से करीब 500 आवंटी ही रहने आए। छह महीने से वे अपने-अपने घरों में साैर ऊर्जा से मोबाइल रीचार्ज करने के साथ ही एक-एक बल्ब जलाकर काम चला रहे हैं। आवंटियों का कहना है कि गर्मी में साैर ऊर्जा से काम नहीं चलेगा।
इससे गुस्साए लोगों ने दोपहर में केडीए पहुंचकर प्रदर्शन किया। इसके बाद प्राधिकरण उपाध्यक्ष मदन सिंह गर्ब्याल से मिलने के लिए उनके कार्यालय जाने लगे, तो सुरक्षा में लगे पूर्व फौजियों ने उन्हें पोर्टिको में ही रोक लिया। काफी जद्दोजहद करने पर 20 मिनट बाद उनके पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को केडीए सचिव अभय कुमार पांडेय से मिलने भेजा। सचिव ने ज्ञापन लेकर उन्हें एक हफ्ते में समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया। उनके कहने पर प्रतिनिधिमंंडल ने कार्यवाहक मुख्य अभियंता प्रेम चंद्र आर्या को भी दिक्कतें बताईं। प्रतिनिधिमंडल में रामबाबू सविता, पूनम, सरस्वती, राजकिशोर, राजेश, चिन्मय, दीपू, विवेक मिश्रा, रजनीश त्यागी, विशाल सिंह, सूरज जायसवाल, राजेंद्र, रोहित भाटिया आदि शामिल रहे।