कानपुर में प्रेमिका के अश्लील फोटो सोशल मीडिया में वायरल करने पर ग्वालटोली में एक साल पहले हुई छात्र पीयूष कटियार (18) की हत्या बड़े ही शातिर अंदाज में की गई। यही वजह रही कि पुलिस को आरोपी तक पहुंचने में एक साल लग गए। वारदात से एक महीने पहले आरोपी जोया नाम की आईडी बनाकर पबजी (ऑनलाइन गेम) से जुड़ गया।
इसके बाद पीयूष के साथ ऑनलाइन गेम खेलने लगा। जोया बनकर मैसेज के माध्यम से उससे बातचीत भी करता था। लड़की समझकर पीयूष उसके जाल में फंस गया। हत्या की रात उसने पबजी पर ही मैसेज कर पीयूष को बक्कल कंपाउंड बुलाया और उसे मौत के घाट उतार दिया।
परमट के नौघड़ा मोहल्ला निवासी मंजू देवी कटियार का बेटा पीयूष 18 अप्रैल की रात लखनऊ जाने की बात कहकर घर से निकला था। उसी रात पीयूष की हत्या कर दी गई थी। 19 अप्रैल की सुबह परमट के टेफ्को बक्कल कंपाउंड के जंगल में क्षत-विक्षत शव मिला था।
पुलिस ने रविवार को हत्याकांड का खुलासा कर आर्यनगर निवासी हिस्ट्रीशीटर मोनू उर्फ रोहित उर्फ चैप्टर को जेल भेजा है। बताया कि पीयूष ने अपनी प्रेमिका के अश्लील फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए थे। प्रेमिका मोनू की भांजी थी। इसी के चलते उसने हत्या की साजिश रच डाली।
इसलिए उलझ गया था मामला
पुलिस के मुताबिक जांच में यह तो पता चल गया था कि पबजी गेम के दौरान मैसेज कर उसे बुलाया गया था लेकिन ये मैसेज किस मोबाइल से भेजा गया था यह ट्रेस नहीं हो सका था। साइबर एक्सपर्ट राहुल मिश्रा के मुताबिक दरअसल इन मामलों में पूरी जानकारी संबंधित सर्वर के पास होती है। इस मामले में यूजर की सारी जानकारी पबजी के पास होती है, पर गोपनीयता का हवाला देकर वे जानकारी साझा नहीं करते। लिहाजा यूजर का आईपी एड्रेस ट्रेस नहीं हो पाता है। इसलिए मामला इतने दिनों तक उलझा रहा।
व्हाट्सएप पर मंगवाई थी फोटो, रिकॉर्डिंग अहम
एसपी पश्चिम डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि हत्या करने से पहले मोनू ने ग्वालटोली निवासी एक युवक से पीयूष की फोटो व्हाट्सएप पर मंगवाई थी। ताकि किसी भी तरह की उससे गलती न हो। पुलिस फोटो भेजने वाले से पूछताछ कर रही है। अगर साक्ष्य मिले तो उस पर भी कार्रवाई हो सकती है। उधर मोनू और उसकी बहन के बीच हुई बातचीत की एक रिकॉर्डिंग भी मिली है, जिसमें हत्या को अंजाम देने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस का शक गहराया और मोनू को गिरफ्तार किया। इसके बाद मोनू ने पूरी घटना का खुलासा किया। पुलिस अन्य लोगों की भूमिका पता कर रही है।
फोटो वायरल करने पर हुई थी खुन्नस
एसपी के मुताबिक पीयूष ने अपनी प्रेमिका की कुछ फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर दी थी। इसकी जानकारी युवती के मामा याना मोनू को हो गई थी। तभी से वह उससे खुन्नस रखने लगा था। एक-दो बार दोनों का आमना सामना और कहासुनी भी हुई थी। पुलिस मामले में और साक्ष्य जुटा रही है, जिससे कोर्ट में केस कमजोर न हो।
न कटर मिला और न मोबाइल
पीयूष का मोबाइल पुलिस बरामद नहीं कर सकी है। वहीं फोरेंसिक टीम का दावा था कि हत्या के बाद कटर से पीयूष का चेहरा काटा गया। मगर पुलिस ने कुल्हाड़ी बरामद की है। दावा है कि इसी से पीयूष को मारा गया। पुलिस व फोरेंसिक की जांच अलग-अलग है। ये बड़ा और अहम सवाल है।