ये काम भी होंगे
40 करोड़ की इस परियोजना में एक किलोमीटर राइजिंग मेन (मुख्य पाइपलाइन), 30.39 किलोमीटर डिस्ट्रीब्यूशन लाइन, गीतानगर रामलीला मैदान पार्क में जोनल पंपिंग स्टेशन (जेडपीएस), डेढ़ लाख लीटर क्षमता की पानी की टंकी (ओवरहेड टैंक), पांच लाख लीटर क्षमता का सीडब्ल्यूआर (भूमिगत जलाशय), एक पंप हाउस, जेडपीएस के चारों तरफ 166 मीटर लंबी बाउंड्री बनेगी।
इसी माह निर्माण शुरू करने के निर्देश
शासन से स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण का ठेका लखनऊ की कंस्ट्रक्शन कंपनी यूनिवर्सल एमईपी प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया है। सोमवार को जल निगम के सहायक अभियंता राहुल तिवारी, अवर अभियंता अनुराग सिंह और कंपनी के अन्य प्रतिनिधियों ने निर्माण स्थल में नापजोख कराई। कंपनी को इसी माह निर्माण शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण अवधि 18 माह है। जल निगम के अभियंताओं ने बताया कि इस वार्ड में बिछी जो पाइपलाइनें क्षतिग्रस्त हैं, उन्हें बदला जाएगा। जिन मोहल्लों में पाइपलाइन नहीं बिछी है, वहां पाइपलाइन बिछाई जाएगी।
जेएनएनयूआरएम परियोजना में 827 करोड़ बहाए, शहरवासियों का सपना भी बहा
इससे पहले जल निगम ने 2008 से 2013 तक जेएनएनयूआरएम परियोजना के डिस्टि्रक-1 और 2 में 827 करोड़ रुपये पानी में बहा दिए। गंगा बैराज में 20-20 करोड़ लीटर क्षमता के दो जल शोधन संयंत्रों से लेकर शहरभर में 72 जोनल पंपिंग स्टेशन बनाए। 16 किलोमीटर मुख्य पाइपलाइन और 400 किलोमीटर से ज्यादा डिस्ट्रीब्यूशन लाइन बिछाते समय शहरवासियों को पर्याप्त पानी आपूर्ति का सपना दिखाया था, जो टूट गया। अधिकारियों, सफेदपोशों और ठेकेदारों की मिलीभगत से परियोजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। अभी भी महीने में एक-दो स्थानों में भ्रष्टाचार के फव्वारे फूटते रहते हैं।