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Kanpur News: जहरीले खाने से हुई थी पिंटेल पक्षियों की मौत

Thu, 23 Jan 2025 12:34 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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रसूलाबाद। मिर्जापुर लकोठिया में स्थित सोन झील के आए प्रवासी पिंटेल पक्षियों (बत्तख प्रजाति) की मौत जहरीले खाने से हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार वन विभाग की ओर से शिकारियों पर केस दर्ज कराया जाएगा।
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पिंटेल पक्षी रूस के साइबेरिया और पूर्वी यूरोप आदि से भारत में आते हैं। देखने में ये बहुत सुंदर होते हैं। इसकी पूंछ पिन जैसी नुकीली होती है। इसके चलते इन्हें पिंटेल नाम मिला है। सोन झील में जहरीला खाने से 24 पिंटेल पक्षियों की मौत हो गई थी। वन दरोगा ने मृत पिंटेल पक्षियों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। पशुचिकित्सा केंद्र के पशुचिकित्सक डॉ. कमलेंद्र ने बताया कि मृत पिंटेल में 13 नर और 11 मादा थीं। पोस्टमार्टम में इन पक्षियों के मौत की वजह जहरीला पदार्थ खाने से होने की पुष्टि हुई है।
रसूलाबाद वन रेंज अधिकारी तौसीफ अहमद ने बताया कि प्रवाासी पक्षी सर्दियों में आते हैं। इनका प्रवास जलाशयों या झील के आसपास होता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी मिली नहीं है। इन पक्षियों को शिकार के लिए मारा गया है या इसकी वजह और कुछ है यह जांच में सामने आएगा। वन कर्मियों की टीम गठित कर इसकी जांच कराई जाएगी। शिकार के लिए प्रवासी पक्षियों को जहर देने की पुष्टि पर संबंधित पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। मिर्जापुर लकोठिया के प्रधान पति सागर ने बताया कि यह जलाशय सोन तालाब के नाम से प्रसिद्ध है। कन्नौज जिले के सोन पुरवा गांव है। इसी के नाम से जलाशय का नाम सोन तालाब है। यह करीब सौ बीघा विस्तार में है। एक हिस्सा रसूलाबाद के मिर्जापुर लकोठिया में पड़ता है।
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मांस के लिए जहरीला दाना डालने की आशंका
ग्रामीणों ने शिकारियों की ओर से जहरीला दाना डालनें की आशंका जताई है। नाम न छापने की शर्त पर बताया कि स्थानीय निवासी जहरीला पदार्थ दानों में मिलाकर डाल देते हैं। इसप्रकार से प्रवासी पक्षियों का शिकार करते हैं। बेहोश होकर गिरने वाली पिंटेल को पकड़ लेते है। इसके बाद पकाकर खाते हैं।
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