जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने मंगलवार को सरसौल ब्लाॅक की कई परियोजनाओं का निरीक्षण किया। लगभग सभी में कुछ न कुछ खामियां मिलीं। सलेमपुर गांव का अमृत सरोवर सूखा मिला। जिम के उपकरण टूटे मिले। जिला पंचायत कार्यालय की ओर से 2.54 करोड़ की लागत से सैमसी झील का निर्माण किया गया था।
इसका 2023 में लोकार्पण हुआ था। सैमसी स्थित झील का पाथ-वे खराब मिला। आसपास लगे बिजली के खंभे टूटे मिले, फव्वारे गायब थे। वहीं भदासा में चल रहे नाली निर्माण की गुणवत्ता खराब मिली। इस पर जिलाधिकारी ने जिम्मेदारों को कड़ी फटकार लगाने के साथ ही जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए।
जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण सैमसी झील जलकुंभी से पटी पड़ी है। झील में बनाया गया रास्ता क्रैक मिला। जिलाधिकारी ने पूछा कि ये 2023 में बना था और 2025 में खराब हो गया। क्या कागज से बनाया गया।
जिलाधिकारी ने अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी रवींद्र गुप्ता को 20 दिन में खामियां दूर करने के निर्देश दिए। वहीं, सरसौल ब्लॉक के ग्राम पंचायत सलेमपुर में 22 लाख रुपये से बने अमृत सरोवर में उपकरण टूटे मिलने पर नाराजगी जताई।
ईंट गिराते ही चार टुकड़ों में हुई, नाली निर्माण में मसाला 6-1 का, काम रुकवाया
जिलाधिकारी ने फतेहपुरवा मोड़ से भदासा गांव तक निर्माणाधीन सड़क और नाली निर्माण को देखा। यहां नाली में लगाई जा रहीं ईंटें हाथ से उठाकर गिराईं तो चार टुकड़े हो गए। मसाला की गुणवत्ता पूछी तो बताया कि 12 तसला मौरंग और दो तसला सीमेंट मिलाई है। अधिशासी अभियंता को निर्माण तोड़कर दोबारा कराने को कहा। साथ ही एडीएम सिटी डॉ. राजेश कुमार से शाम तक जांच कर रिपोर्ट भी मांगी।
पंचायत भवन में खामियां मिलने पर सचिव को फटकारा
डीएम को सरसौल स्थित पंचायत भवन में दीवारों पर सीलन के साथ ही दरारें मिलीं। शौचालय में गंदगी और बाथरूम में पानी भरा था। खिड़कियों के पल्ले भी नहीं लगे थे। यह सब देख डीएम सचिव पुनीत मिश्रा पर भड़क उठे। डीएम ने गुणवत्ता और लापरवाही पर जांच कर सचिव पर कार्रवाई करने के लिए कहा।