केडीए ने ठेकेदारों के लिए भविष्य निधि (पीएफ) रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है। अगले वित्तीय वर्ष से प्राधिकरण के टेंडरों में यह शर्त शामिल की जाएगी। ठेकेदारों को पेमेंट के लिए बिल देते समय मजदूरों सहित सभी कर्मचारियों को किए गए भुगतान के अलावा उनके पीएफ जमा करने की भी जानकारी देनी पड़ेगी।
यह फैसला केडीए वीसी जयश्री भोज ने क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त मोहित शेखर के साथ सोमवार को हुई बैठक में लिया। केडीए में हुई बैठक के बाद वीसी ने बताया कि केडीए में पंजीकृत ठेकेदार टेंडर तभी डाल पाएंगे, जब उनका पीएफ में रजिस्ट्रेशन होगा।
इसका फायदा निर्माण से संबंधित संविदा, ठेका और अस्थायी कर्मियों को मिलेगा। ठेकेदारों को इसकी जानकारी देने के लिए 4 फरवरी को केडीए में कार्यशाला आयोजित की जा रही है। बैठक में सहायक आयुक्त पीवी भट्टाचार्य, प्रवर्तन अधिकारी एए सिद्दीकी, संजय वाजपेयी, संजय निगम, केडीए के वित्त अधिकारी शामिल रहे।