फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur News: पीएफ ने नियोक्ताओं को दी बड़ी राहत, ईसीआर में कर सकेंगे संशोधन...

विज्ञापन
विज्ञापन
कानपुर। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने पीएफ नियोक्ताओं को राहत देते हुए इलेक्ट्रॉनिक चालान-कम-रिटर्न (ईसीआर) की नई व्यवस्था सितंबर से लागू कर दी है। अब नियोक्ता रिटर्न में संशोधन कर सकेंगे। तीन प्रकार से रिटर्न भर सकेंगे। भुगतान के विकल्प भी दिए गए हैं। साथ ही मासिक अंशदान के साथ धारा 70 के तहत देय ब्याज राशि का भुगतान करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसकी गणना पोर्टल से ही होगी। जल्द ही पासबुक लाइट सेवा शुरू होगी। इसके अलावा पीएफ मिस्ड कॉल सेवा फिर से शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन


क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त कार्यालय सर्वोदयनगर में आयोजित पत्रकार वार्ता में अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त उदय बक्शी ने बताया कि ईसीआर एक मासिक रिटर्न है जिसे हर नियोक्ता ईपीएफओ पोर्टल पर ऑनलाइन भरता है। इसमें वह अपने कर्मचारियों के वेतन का विवरण देता है। बताया कि अब इलेक्ट्रॉनिक चालान-कम-रिटर्न (ईसीआर) सुविधा शुरू की गई है। इसमें रिटर्न भरने से भुगतान जेनरेशन प्रक्रिया को अलग किया गया है। अब एक बार रिटर्न फाइल हो जाने पर और भुगतान में देरी होने पर भी देय राशि का स्थायी रिकॉर्ड बन जाता है। अब तीन प्रकार के रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। एक ही रेगुलर रिटर्न के तहत यह हर महीने का मुख्य रिटर्न है। इसमें उस महीने के लिए कंपनी के सभी सक्रिय सदस्यों का विवरण शामिल होना अनिवार्य है। यह प्रक्रिया बताती है कि सभी कर्मचारियों का अंशदान चालान में जमा हो। अब नियोक्ता को एक महीने के लिए कई चालान बनाने की अनुमति नहीं होगी। सप्लीमेंट्री रिटर्न में यदि कोई नियोक्ता नियमित रिटर्न जमा करने और उसे स्वीकृत कराने के बाद किसी नए कर्मचारी को पंजीकृत करता है तो उसे उन नए सदस्यों के लिए इस रिटर्न की सुविधा प्रदान की गई है। इसके अलावा संशोधित रिटर्न में यदि किसी नियोक्ता से रेगुलर या सप्लीमेंट्री रिटर्न में वेतन या अंशदान विवरण जैसी जानकारी दर्ज करने में कोई गलती हो जाती है तो वह रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करके इन गलतियों को सुधार सकता है। यदि संशोधित ईसीआर में गलत विवरण भरा गया है तो नियोक्ताओं को स्वतः चेतावनी जारी हो जाएगी। उन्होंने बताया कि जिन कर्मचारियों का वेतन 15,000 से अधिक है अथवा जिनकी आयु 58 वर्ष से ऊपर है। वो सामान्यतः पेंशन (ईपीएस) के लिए पात्र नहीं होते ऐसी स्थिति में भी सिस्टम फाइलिंग से पूर्व चेतावनी जारी हो जाएगी। रिटर्न स्वीकृत होने के बाद नियोक्ताओं को भुगतान के लिए कई विकल्प दिए गए हैं। इनमें फुल पेमेंट, पार्ट पेमेंट और केवल प्रशासनिक निरीक्षण शुल्क या विलंब शुल्क का अलग से भुगतान करने की सुविधा शामिल है। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त प्रथम शाहिद इकबाल ने बताया कि अधिनियम की धारा 148 एवं 70 के अंतर्गत विलंबित भुगतान पर क्षतिपूर्ति और ब्याज की स्वतः गणना का प्रावधान भी किया गया है। उन्होंने बताया कि नियोक्ताओं को नई प्रणाली अपनाने में सुविधा देने के लिए पहले चार महीनों तक उन्हें यह छूट टी जाएगी कि वे अपने कुछ सक्रिय सदस्यों के साथ भी रेगुलर रिटर्न फाइल कर सकते हैं। बाकी बचे हुए सदस्यों को बाद में सप्लीमेंट्री रिटर्न के माध्यम से जोड़ा जा सकेगा। क्षेत्रीय भविष निधि आयुक्त प्रथम पवन कुमार सिंह ने निधि आपके निकट 2.0 पर जानकारी दी। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त प्रथम गौतम ने पीएफ विभाग की अन्य सभी योजनाओं की जानकारी दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें