कानपुर। कर्मचारी जगत के लिए राहत की खबर है। एक जनवरी 2014 से पहले नौकरी छोड़ चुके कर्मचारियों के पीएफ संबंधी दावों का निस्तारण यूनिवर्सल एकाउंट नंबर (यूएएन) के बिना हो जाएगा। इस बाबत केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त ने 13 जुलाई को इसका सर्कुलर जारी कर दिया है।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन से किसी भी क्लेम को लेने के लिए कर्मचारी के पास यूनिवर्सल एकाउंट नंबर (यूएएन) होना जनवरी 2016 में अनिवार्य किया गया था। इसके बाद से पीएफ निकासी या एडवांस लेने के लिए यूएएन जरूरत पड़ने लगी। अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त उप्र एवं बिहार के लेखाधिकारी एके शुक्ला ने बताया कि तमाम मामलों में पाया गया कि संबंधित कर्मचारी के नियोक्ताओं ने उनका यूएएन जारी नहीं करवाया था। इस कारण उनके दावे निस्तारित नहीं हो रहे थे। इसके अलावा जब कर्मचारी नियोक्ता से यूएएन देने के लिए कहता था तो उसका उत्पीड़न किया जाता था। इसके मद्देनजर नई व्यवस्था लागू की गई है। अब ऐसे कर्मचारी, जिन्होंने एक जनवरी 2014 से पहले नौकरी छोड़ दी है तो उन्हें यूएएन नहीं लेना पड़ेगा। उनके दावे बिना यूएएन के निस्तारित किए जाएंगे।
देर से आवेदन करोगे तो पाओगे ज्यादा पेंशन
कानपुर (ब्यूरो)। भविष्य निधि संगठन से ज्यादा पेंशन लेनी है तो देर से आवेदन करना फायदेमंद होगा। भविष्य निधि संगठन इस संबंध में नई योजना लाया है। इस योजना को 25 अप्रैल 2016 से लागू करने का आदेश जारी किया गया है।
अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त उप्र एवं बिहार वीपी सिंह ने बताया कि अब 58 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद पीएफ सदस्य पेंशन लेने के लिए 59 वर्ष की आयु में आवेदन करता है तो उसे चार फीसदी अधिक पेंशन मिल सकेगी। इसके अलावा 60 वर्ष की आयु में पेंशन के लिए आवेदन करने पर 8.16 फीसदी अधिक पेंशन मिलेगी। इंप्लाइज प्रॉविडेंट फंड स्टाफ यूनियन यूपी रीजन के महामंत्री राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि अभी 58 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद कर्मचारी विभाग से पेंशन लेना शुरू कर देता है। सरकार अब इसे 60 वर्ष करना चाह रही है। यदि सरकार अचानक 58 वर्ष की आयु को बढ़ाकर 60 वर्ष करेगी तो इसका विरोध होगा। इस लिए अधिक पेंशन देकर सरकार इस विरोध को खत्म करना चाहती है। इसी के तहत यह कदम उठाया गया है।
प्रतिरक्षा संस्थान में नियुक्त हो सकेंगे मृतक आश्रित
कानपुर (ब्यूरो)। रक्षा मंत्रालय ने मृतक आश्रितों की पांच फीसदी सीलिंग व्यवस्था को खत्म कर दिया है। ऐसा होने से देशभर के करीब 20 हजार मृतक आश्रितों की अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। आर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड (ओएफबी) ने गुरुवार को इस संबंध में सभी प्रतिरक्षा फैक्ट्रियों को आदेश जारी कर दिए हैं। भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ के सह संगठन मंत्री मुकेश सिंह और मीडिया प्रभारी अभय मिश्रा ने बताया कि प्रतिरक्षा प्रतिष्ठानों में करीब पांच लाख नियुक्तियां हैं। इसमें करीब 1.90 लाख नियुक्तियां रिक्त हैं, जिसमें अब 20 हजार मृतक आश्रितों की नियुक्ति हो सकेगी। इन नियुक्तियों में पांच फीसदी की सीलिंग (बाध्यता) थी। जिसे एक बार (वन टाइम) के लिए रक्षा मंत्रालय ने समाप्त कर दिया है। इस मसले पर संगठन रक्षा मंत्री से कई बार भेंट कर चुका था।