भविष्य निधि (पीएफ) खाताधारकों के लिए अच्छी खबर है। एक नौकरी छूटने के बाद दूसरी नौकरी मिलने तक खाताधारक चाहे तो अपने जमा पीएफ का 75 फीसदी निकाल सकता है। अच्छी बात यह है कि उसका पीएफ खाता बंद नहीं होगा। इससे सर्विस ब्रेक नहीं होगी और पेंशन पाने में कोई अड़ंगा नहीं लगेगा। हालांकि आवेदन एक महीने बेरोजगार रहने के बाद ही कर सकते हैं। आवेदन ऑनलाइन ही स्वीकार होंगे। इस संबंध मेें 19 दिसंबर को पीएफ विभाग की ओर से आदेश जारी कर दिया गया है।
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अभी तक जो व्यवस्था थी उसके मुताबिक खाताधारक के पास बीच का कोई विकल्प नहीं था। या तो एक भी रुपये न निकालकर खाता चालू रखे। या तो पूरा पैसा निकालकर पीएफ खाता बंद (फाइनल सेटलमेंट) कर दे। अब जो नई व्यवस्था शुरू हुई है, इसमें खाताधारक अपने शेयर का 75 फीसदी निकालकर जरूरतें पूरी कर सकता है। इससे उसका खाता नहीं बंद होगा। दोबारा जब नौकरी शुरू करेगा तो वही खाता नंबर देकर उसे जारी कर सकेगा।
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इसके पीछे तर्क दिया जा रहा कि इस व्यवस्था से नौकरी छोड़ने वाले की जरूरत भी पूरी होती रहेगी और उसकी सामाजिक सुरक्षा भी बनी रहेगी। इंप्लाइज प्रॉविडेंट फंड स्टाफ फेडरेशन के सलाहकार राजेश कुमार शुक्ला के मुताबिक नई व्यवस्था से लोगों को राहत मिलेगी।
बने रहेंगे पेंशन के हकदार
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वेतन से कटने वाले पीएफ का कुछ अंश पेंशन खाते में भी जाता है। खाताधारक पेंशन का हकदार तभी होता है जब उसका पीएफ खाता कम से कम 10 साल नियमित चला हो। नौकरी छूटने के बाद कोई खाताधारक फाइनल सेटलमेंट करता है तो उसका पीएफ खाता बंद हो जाता है। दोबारा जब नौकरी शुरू करता है तो उसकी सर्विस नए सिरे से काउंट होती है। नई व्यवस्था में पीएफ खाता बंद नहीं होने से उसकी सर्विस ब्रेक नहीं होगी और वह पेंशन का हकदार बना रहेगा।