गाजर घास से एथेनॉल बनाया जा सकता है। आईआईटी कानपुर में यह प्रयोग सफल है। अभी तक जेट्रोफा के पौधे और गन्ने से एथेनॉल बनाया जाता था। एथेनॉल को पेट्रोल का विकल्प माना जाता है। पेट्रोल में 15 फीसदी एथेनॉल मिलाकर बेचने की अनुमति पहले ही केंद्र सरकार दे चुकी है।
डीजी पीजी कॉलेज में मंगलवार को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया गया। इसका उद्घाटन आईआईटी कानपुर में केमिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की विज्ञानी डॉ. शुचि सिंह और प्रिंसिपल डॉ. साधना सिंह ने किया। आईआईटी कानपुर की विज्ञानी ने बताया कि गाजर घास से एथेनॉल बनाने पर प्रयोगशाला के सभी प्रोजेक्ट सफल हैं। यह इकोफ्रेंडली है। सस्ता भी मिलेगा। अब प्रोडक्शन बढ़ाने पर काम चल रहा है। इससे पहले प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें अंजलि पाल और महमूदा खान ने पहला स्थान हासिल किया। सैयदा जाकिरा फातिमा दूसरे स्थान पर रहीं। एमएससी की दीक्षा शाक्य, क्षमा, सुप्रिया और प्रतिमा ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। इस मौके पर डॉ. अर्चना श्रीवास्तव, डॉ. सुनीता आर्य, डॉ. रश्मि माथुर, डॉ. अंजलि श्रीवास्तव, डॉ. इशिता, डॉ. रचना और डॉ. अमिता मौजूद रहीं।