जीएसटी लागू होने के बाद पंजीकृत व्यापारियों से रिटर्न दाखिल करवाना स्टेट जीएसटी अफसरों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो रहा था। कभी वेबसाइट साथ नहीं दे रही थी तो कभी रिटर्न की स्थिति स्पष्ट नहीं हो रही थी। मई-2019 के रिटर्न की समीक्षा में बीते दो साल में यह पहला मौका आया जब जीएसटीआर-3 बी के नॉन फाइलर में सबसे कम करदाता कानपुर जोन-1 के पाए गए।
मामूली अंतर से आगरा दूसरे नंबर पर है और कानपुर जोन-2 तीसरे नंबर पर है। इन तीनों जोन में नॉन फाइलर (जीएसटीआर फाइन न करने वाले) में एक फीसदी से भी कम अंतर है। कानपुर जोन की इस उपलब्धि पर स्थानीय अफसर गदगद हैं। कानपुर में कुल पंजीकृत डीलरों में से 15.12 फीसदी ने ही रिटर्न दाखिल नहीं किया, जबकि गोरखपुर में 30.66 फीसदी ने रिटर्न नहीं भरा।
जून में बढ़े नॉन फाइलर
प्रदेश भर में कुल 1,51,980 रजिस्टर्ड डीलरों ने जून 2019 का रिटर्न दाखिल नहीं किया है। मई 2019 में रिटर्न न भरने वालों की संख्या 1 लाख 11 हजार 448 ही थी। एक महीने यह संख्या 40, 552 बढ़ गई। रिटर्न दाखिल न होने की वजह से प्रदेश सरकार का राजस्व घट रहा है। ऐसे में इसकी नियमित समीक्षा शुरू की गई।