सीआरपीएफ में कोबरा कमांडो के पद पर रांची में तैनात सैनिक अनूप सोनकर का पार्थिव शरीर मंगलवार दोपहर बाद खैरई गांव लाया गया। जानकारी पर बड़ी संख्या में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। गांव के लाल की अंतिम यात्रा में वंदेमातरम और भारत माता की जय के उद्घोष लगे।
खैरई गांव निवासी शुकरू सोनकर के सात बेटों में अनूप (28) चौथे नंबर पर थे। वे सीआरपीएफ में कोबरा कमांडो के पद पर रांची में तैनात थे। रविवार तड़के उनकी तबीयत बिगड़ गई। साथी उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।
खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। माता-पिता व पत्नी अनीता देवी बिलखने लगीं। सुबह परिजन रांची के लिए रवाना हो गए। मंगलवार को अनूप का शव गांव आने की खबर पर ग्रामीण बाइक, चार पहिया वाहनों से खागा हाईवे पहुंचे और सीआरपीएफ काफिले का इंतजार करने लगे।
जैसे ही वाहन आया युवा वंदेमातरम का जयघोष करने लगे। यहां एसडीएम खागा प्रहलाद सिंह, सीओ अंशुमान मिश्र पुलिस बल के साथ मौजूद थे। तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर जैसे ही वाहन से उतारा गया पूरा गांव भारत माता की जय के नारे लगाने लगा। अंतिम यात्रा में सेना की टुकड़ी ने साथी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद पिता शुकरू ने मुखाग्नि दी।
खागा में व्यापार मंडल ने अर्पित किए पुष्प
व्यापार मंडल अध्यक्ष शिवचंद्र शुक्ल ने साथियों के साथ शव वाहन में लगे चित्र पर पुष्प अर्पित किए और उन्हें नमन किया। इस दौरान वहां बिलख रहे परिजन को भी व्यापारियों ने संभाला और हिम्मत बंधाई। मौके पर अमिताभ शुक्ल, अनिल साहू, मनोज शुक्ल, रामविशाल, राजेंद्र सिंह, मंसूर आलम, अनुपम शुक्ल आदि मौजूद रहे।
फरवरी में हुई थी शादी
सैनिक अनूप सोनकर के परिजनों ने बताया कि अनूप की शादी फरवरी महीने में हुई थी। परिवार में बड़े भाई शिवकरन सोनकर पीएसी में अधिकारी हैं। एक भाई विनोद सोनकर पुलिस विभाग में हैं। शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए इलाके के सैकड़ों लोग खैरई पहुंचे।