ग्रामीणों का कहना है कि अन्ना मवेशियों को छोड़ने वाले पशु पालकों की सूची ब्लाक में अधिकारियों को दी गई थी पर कोई सुनवाई नहीं की गई। वहीं, बीडीओ बृजकिशोर कुशवाहा का कहना है जल्द अभियान चलाकर छुट्टा पशुओं को छोड़ने वाले पालकों पर कार्रवाई की जाएगी।
कदौरा इलाके में और गांवों में अन्ना मवेशी हमलावर हो रहे हैं। कई दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। अन्ना मवेशी फसलों को भी चर रहे हैं। गांवों की गलियों, नगर के प्रमुख चौराहों, हमीरपुर-जोल्हूपुर ह्राइवे पर अन्ना मवेशी डेरा जमाए रहते हैं। इस वजह से छोटे बड़े वाहन, पैदल निकलने वाले राहगीरों को घायल भी कर देते है।
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शनिवार की शाम बेरी निवासी 50 वर्षीय देवीदयाल, पत्नी संतोषी के साथ बाइक से गांव जा रहे थे। कस्बे के बेरी रोड पर अन्ना मवेशियों की टक्कर से दोनों गिरकर घायल हो गए। जिसके बाद इलाज के लिए उन्हें सीएचसी में भर्ती कराया गया था। तीन दिन पहले बवीना-कठपुरवा मार्ग पर छुट्टा मवेशियों को बचाने के चक्कर में दो बाइक सवार टकरा गए थे। दोनों को गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
ग्राम प्रधान कठपुरवा कविता किरन, उदनपुर महेंद्र सिंह, इकौना बृजनंदन तिवारी, नाका कल्लू सिंह कहते है कि अन्ना मवेशियों को छोड़ने वाले पशु पालकों की सूची ब्लाक में अधिकारियों को दी गई थी पर कोई सुनवाई नहीं की गई। बीडीओ बृजकिशोर कुशवाहा का कहना है जल्द अभियान चलाकर छुट्टा पशुओं को छोड़ने वाले पालकों पर कार्रवाई की जाएगी।
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पेड़ पर चढ़कर बचाई भैंसे से जान
सिरसा कलार थाना क्षेत्र के गांव ऊद में युवक ने पेड़ पर चढ़कर अन्ना भैंसे से जान बचाई। ऊद गांव निवासी जितेंद्र सिंह सेंगर खेत पर गए थे। खेत में अन्ना भैंसा चर रहा था। उसको हांकने के लिए उसने डंडा मार दिया। जैसे ही डंडा मारा भैंसा पीछे पड़ गया। जितेंद्र भागकर बरगद के पेड़ पर चढ़ गया।
जितेंद्र का एक साथी भैंसे के तेवर देखकर पहले ही पेड़ पर चढ़ गया था। दोनों लगभग तीन घंटे पेड़ पर चढ़े रहे। इस दौरान भैंसा भी खड़ा रहा। तब किसी ने पुलिस को फोन कर दिया, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह भैंसें को भगाया।