भीषण गर्मी का कहर बदस्तूर है। तीखे तेवर से लोगों की त्वचा झुलसाने लगी है। मई का महीना खत्म होने पर अधिकतम तापमान 46 डिग्री के पार पहुंच गया। वहीं, न्यूनतम तापमान 28.7 होने से रातें दहकने लगी है। शाम ढलने के बाद भी लोगों को राहत नहीं है। इधर, घरों में कूलर, एसी, पंखा और फ्रीज फेल होते नजर आ रही है।
विज्ञापन
2 of 4
गर्मी से बेहाल लोग
- फोटो : अमर उजाला
मंगलवार सुबह नौ बजे से तापमान चढ़ना शुरू हो गया। दोपहर 11 बजे ही सड़कों पर सन्नाटा नजर आने लगा। आसमान से गिरती आग से बाजार के दुकानदार अपनी-अपनी दुकानों में लुके रहे। ऐसी स्थिति में परेशानी उन महिलाओं की और ज्यादा बढ़ जाती है जो मजबूरीवश बच्चों को गोद में लेकर उनहें अपनी साड़ी के पल्लू से छिपाक र ले जाती हुई दिखाई पड़ जाती है। दूसरी ओर मेहनतकश लोग भी पेट की खातिर गर्मी की परवाह न करके अपने काम में लगे हुए दिखाई पड़ जाते हैं। कुल मिलाकर इस गर्मी से सभी बेचैन हैं। गर्मी के कारण सूखने वाले गले को तर करने के लिए बस पानी ही सहारा बना हुआ है।
विज्ञापन
3 of 4
गर्मी का कहर
- फोटो : अमर उजाला
तापमान के बढ़ने के कारण आग बसरने के समान पड़ रही गर्मी के कारण लोंगों को तेज धूप से बचने के लिए घरों अथवा कार्यालयों से निकलने से पहलें सिर, चेहरे ढंक कर और आंखों प काला चश्मा लगाकर ही निकल रहे हैं। इन दिनों जिस तरह से भीषण गर्मी पड़ रही है उससे कूलर अथवा एसी में रहने के बावजूद गर्मी अपना असर छोड़ती नजर नहीं आ रही है। भीषण गर्मी के चलते सड़कों पर भी वाहनों की आवाजाही पर असर पड़ रहा है। साथ ही बाजारों में भी खामोशी छाई हुई है। दूकानदार भी ग्राहकों के न आने से आरामदायक मुद्रा में बैठें नजर आ रहे हैं। कुल मिलाकर गर्मी की भयावहता कम होने का नाम नहीं ले रही है।
सुबह नौ बजे के बाद से ही तेज धूप के कारण गर्मी अपना व्यापक असर दिखाना शुरू कर देती है। ऐसे में सबसे ज्यादा परेशान पशु- पक्षी भी हैं। पानी की तलाश में यह बेजुबान इधर से उधर विचरण करते रहते हैं। हांलाकि कुछ स्थानों पर पानी का प्रबंध किया गया है लेकिन 45 डिग्री के आस पास पड़ रही गर्मी से पानी भी खौलने लगता है।