पीसीएस (प्री) परीक्षा के बाद रविवार की शाम को घर जाने के लिए परीक्षार्थियों का रेला सेंट्रल स्टेशन पर उमड़ पड़ा। अधिकतर परीक्षार्थी प्रयागराज, लखनऊ, झांसी और रायबरेली रूट पर जाने वाले थे। इससे सबसे ज्यादा भीड़ प्लेटफॉर्म नंबर - चार, पांच, छह और सात पर रही। ट्रेन की गैलरी में भी खड़े होने की जगह नहीं मिली। परीक्षार्थियों ने आरक्षित कोच पर भी कब्जा जमा लिया। कई तो दरवाजे पर लटक कर गए। आरपीएफ प्रभारी एसएन पाटीदार, जीआरपी प्रभारी ओमनारायण सिंह सीसीटीवी से सरकुलेटिंग एरिया, होल्डिंग एरिया और प्लेटफार्मों पर निगाह रखे रहे।
सेंट्रल स्टेशन पर यात्रियों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
छह स्पेशल ट्रेनें चलाईं
रविवार देर रात तक कानपुर से गाजियाबाद, लखनऊ और प्रयागराज रूटों पर छह स्पेशल ट्रेनें चलाईं गईं। परीक्षार्थियों की भीड़ के मद्देनजर डिप्टी सीटीएम आशुतोष सिंह कंट्रोल रूम से हर प्लेटफार्म पर निगाह रखे रहे। जहां भीड़ बढ़ी, वरिष्ठ स्टेशन अधीक्षक अवधेश द्विवेदी से बात कर वहीं के लिए स्पेशल ट्रेन चलवाई। इस वजह से कुछ ही देर में भीड़ नियंत्रित हो गई।
सेंट्रल स्टेशन पर यात्रियों की भीड़
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56 बसें विभिन्न रूटों पर चलाईं
रोडवेज बसों में परीक्षार्थियों की भीड़ नहीं दिखी। आरएम महेश कुमार ने बताया कि रविवार को औसत दिनों से भी कम यात्री रहे। सेंट्रल स्टेशन से छह सिटी बसें लगाई गईं जो परीक्षार्थियों को केंद्रों तक लेकर गईं। शाम को इन्हीं बसों से परीक्षार्थी सेंट्रल स्टेशन तक वापस भी लौटे। झकरकटी से औरैया, प्रयागराज और लखनऊ रूटों के परीक्षार्थियों की भीड़ रही। शाम साढे़ पांच से साढ़े सात बजे के बीच 56 बसें हरदोई, लखनऊ, प्रयागराज, इटावा और औरैया रूटों पर रवाना की गईं। बस अड्डा के एआरएम पंकज तिवारी ने बताया कि फुटकर में परीक्षार्थी आए तो स्थिति नियंत्रित रही।