क्षेत्र के सिठमरा गांव में गणतंत्र दिवस पर देशभक्ति के
नारे लगाकर प्रभात फेरी निकाल रहे ग्रामीणों को पुलिस ने रोक दिया।
पुलिस
ने इससे शांति भंग का अंदेशा जताया और लोगों से देशभक्ति के गाने न बजाने
और नारे न लगाने को कहा। इससे नाराज ग्रामीण रूरा-झींझक मार्ग पर धरना देकर
बैठ गए। बाद में सीओ अकबरपुर ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत करवाया।
हालांकि बाद में पुलिस ने 40 लोगों के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई कर दी।
बता दें कि 24 जनवरी को सिठमरा गांव में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा की
शोभायात्रा पर दूसरे समुदाय द्वारा फायरिंग व पथराव कर दिया गया था। इससे
गांव और आस-पास के क्षेत्रों में तनाव फैल गया था। इसके मद्देनजर पुलिस ने
गणतंत्र दिवस की प्रभात फेरी भी रोक दी।
26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर
सिठमरा गांव में झंडारोहण के बाद ग्रामीण प्रभात फेरी निकाल रहे थे तभी
चौकी इंचार्ज केपी सिंह ने ग्रामीणों को बवाल का हवाला देकर देशभक्ति के
गाने और नारे लगाने पर रोक दिया, कहा इससे माहौल बिगड़ सकता है। इस पर लोग
भड़क गए और रूरा-झींझक रोड पर धरना देकर बैठ गए।
रूरा थानाध्यक्ष ने लोगों
से चौकी चलकर बात करने को कहा, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। कुछ देर बाद सीओ
अकबरपुर संजीव सिन्हा ने ग्रामीणों को शांतिपूर्वक ढंग से गणतंत्र दिवस
मनाने की बात पर राजी किया, तब जाकर मामला शांत हुआ। दूसरी ओर पुलिस ने बाद
में प्रभात फेरी निकालने वालों पर शांति भंग की कार्रवाई कर दी।
वहीं
शोभायात्रा पर पथराव के मामले में 16 लोगों के खिलाफ नामजद और 25 अज्ञात
लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। गांव में पीएसी तैनात रहेगी और
लाइसेंसी हथियार भी जमा करने का आदेश दिया गया है।
अपर पुलिस अधीक्षक, ऋषिपाल सिंह यादव ने कहा कि गणतंत्र दिवस
पर निकाली जा रही प्रभात फेरी में फिल्मी धुनें बजाने से लोगों को रोका
गया था। कुछ अराजक लोग डांस कर रहे थे। रोकने पर लोग धरने पर बैठ गए। लोगों
को बवाल करने के लिए उकसाया जा रहा था।