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स्वास्थ्यमंत्री ने जिला अस्पतालों को लगाई फटकार, बोले-‘मरीज को रेफर न करो, यहीं करो ट्रीटमेन्ट’

Sun, 20 Nov 2016 01:28 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
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कानपुर देहात के अस्पताल में एक बेड पर चल रहा दो घायलों का इलाज - फोटो : अमर उजाला, कानपुर
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कानपुर देहात के पु्खरायां में रविवार तड़के हुए पटना-इंदौर एक्सप्रेस हादसे में एक तरफ मृतकों व घायलों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, तो वहीं कानपुर के जिला अस्पतालों के हालात ऐसे बन गए हैं कि वहां घायलों को भर्ती नहीं किया जा सकता। दरअसल, जिला अस्पतालों के सभी बिस्तर फुल हो चुके हैं। ऐसे में अस्पतालों में अफरा-तफरी का माहोल कायम है।
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  घटनास्थल पर पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री सुधीर रावत ने कानपुर देहात के जिला अस्पताल के सीएमएस को लापरवाही बरतने पर जमकर फटकार लगाई। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मरीजों को कानपुर या दूसरे जिलों में रेफर न करें, घायलों का इलाज जिला अस्पताल में ही सही ढंग से करें। वहीं कानपुर देहात के जिलाधिकारी ने डॉक्टरों को निर्देश दिये हैं कि जरूरत पड़ने पर छुट्टी पर गये चिकित्सकों को भी ड्यूटी पर बुला लिया जाये।   
जिला स्तर पर प्रशासन को इस बड़ी दिक्कत से दो-चार होना पड़ रहा है। अस्पतालों में जाकर देखा गया तो आलम यह था कि हर जगह लोगों को पीड़ा से कराहते हुए पाया गया तो कहीं दर्दनाक चींखें सुनाई पड़ रही थी। एक बेड पर दो-दो चार-चार घायलों को लेटाया जा रहा है। ताजा जानकारी के मुताबिक घायलों की संख्या डेढ़ सौ से अधिक हो चुकी है।
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वहीं आसपास के प्राइवेट अस्पतालों में भी यहीं स्थिति रही है। व्यव्स्थाएं चौपट होते देख देख प्रशासन के हाथ-पैर फुल गए हैं। कई एम्बुलेंस भंयकर तरीके से सड़कों पर यहां से वहां दौड़ती नजर आई। अब घायलों को कानपुर सिटी के हैलेट व उर्सला अस्पताल में भेजा जा रहा है।  

उधर, जिला अस्पतालों को बेड के साथ-साथ पोस्टमार्टम हाउस में भी मृतकों की इतनी बड़ी संख्या में शव रखे जाने की व्यव्स्था नहीं है। जिला अस्पताल के पोस्ट मार्टम हाउस में अभी तक 70 शव पहुंच चुके हैं।
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