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सीएचसी व मैटरनिटी विंग में अव्यवस्थाओं से जूझते मरीज

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कानपुर देहात। रसूलाबाद मैटरनिटी विंग में बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। अस्पताल से हर रोज नवजात की हालत बिगड़ने पर उन्हें रेफर कर दिया जाता है। इसके अलावा सीएचसी में भी अव्यवस्थाओं का आलम है। इससे मरीजों को परेशान होना पड़ता है। सीएचसी में एक्सरे की व्यवस्था न होने से मरीजों को प्राइवेट में एक्सरे कराना पड़ता है।
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मैटरनिटी विंग में दो चिकित्सक डॉ. मीना कुरील व राशी जैन की तैनात है। जबकि सीएचसी में अधीक्षक डॉ. लोकेश, डॉ. आशीष मिश्रा, डॉ. अमित सक्सेना, डॉ. सौरभ शक्य समेत आठ डॉक्टर तैनात है। शुक्रवार को सीएचसी में तीन डॉ. सौरभ शाक्य, डॉ. अमित सक्सेना, डॉ. प्रदीप यादव अनुपस्थित रहे, जबकि अन्य पांच डॉ. मौजूद मिले।
सीएचसी में एक्सरे की व्यवस्था न होने से मरीजों को प्राइवेट में एक्सरे कराना पड़ता है। इसके अलावा मैटरनिटी विंग में डॉ. राशि जैन अनुपस्थित मिली। यहां करीब 15 प्रसव रोजाना किए जाते हैं। इसमें एक या दो नवजात की हालत बिगड़ने के बाद उन्हें हैलट या जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है।
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यहां बाल रोग विशेषज्ञ न होने के कारण यह दिक्कत है। अस्पताल में निश्चेतक व दो महिला डॉक्टर की कमी है। इसके लिए कई बार पत्र लिखा जा चुका है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। वहीं मैटरनिटी विंग की लिफ्ट खराब है। परिसर में एक लगा हैंडपंप काफी समय से खराब है।
प्राइवेट कर्मचारियों का अस्पताल में बोलबाला
कानपुर देहात। रसूलाबाद सीएचसी में नर्सिंग होम के कर्मचारियों का बोलबाला है। जो मरीजों पर सरकारी डॉक्टर के बजाए प्राइवेट चिकित्सक को दिखाने का दबाव बनाते हैं। इसके एवज में मरीजों से मोटी रकम भी वसूली जाती है। बड़ी बात यह है कि इसकी जानकारी वहां के जिम्मेदारों को भी है, इसके बाद भी उन पर कार्रवाई नहीं की जाती।
चिकित्सक लिखते बाहर की दवा
कानपुर देहात। रसूलाबाद सीएचसी में मरीजों को बाहर स्थित मेडिकल स्टोर की दवा लिखी जाती है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों की स्टोर संचालकों से मिलीभगत है। डॉक्टर भी अंदर की दवा से ज्यादा मेडिकल स्टोर की दवा लिखते हैं।
अस्पताल परिसर में गंदगी का अंबार
रसूलाबाद। सीएचसी में काफी समय से जलभराव की समस्या है। इसके अलावा अस्पताल परिसर में गंदगी का आलम बना हुआ है। इससे न केवल मरीज बल्कि तीमारदार और अस्पताल में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों को भी दिक्कत होती है। कई बार विधायक से लेकर विभागीय अफसरों ने गंदगी को लेकर नाराजगी भी जताई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
तीन में एक डॉक्टर डे ऑफ पर थे, जबकि दो डॉक्टर अलग-अलग जगहों पर ड्यूटी के लिए गए थे। नर्सिंग होम के कर्मचारियों के अस्पताल में आने की जानकारी नहीं है। ऐसे लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।
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- डॉ. लोकेश शर्मा, अधीक्षक रसूलाबाद
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