कानपुर देहात। मेडिकल कॉलेज का पदभार संभालने के बाद शुक्रवार को प्राचार्य डॉ. अंबरीश ने महिला व पुरुष अस्पताल का जायजा लिया। तीमारदारों को व्हीलचेयर खींचते देख उन्होंने नाराजी जाहिर की। साथ ही मरीजों को लाने ले जाने के लिए 24 मरीज सहायकों की तैनाती की। इनकी निगरानी की जिम्मेदारी सुरक्षा गार्डों को दी। उन्होंने कहा हमारी पहली प्राथमिकता मरीज हित है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं चलेगी।
प्राचार्य को निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी वार्ड में एक भी फार्मासिस्ट मौजूद न मिलने पर नाराजगी जाहिर की। इसके बाद ट्रामा सेंटर, ओपीडी की व्यवस्थाओं को देखा। साथ ही डाॅक्टरों व मरीजों से बात कर दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की सच्चाई परखी। वहीं, एक मरीज को व्हीलचेयर पर तीमारदार पर बैठाकर तीमारदार ले जाता दिखा। इस पर उन्होंने आउट सोर्सिंग के तहत भर्ती किए गए करीब 24 मरीज सहायकों की ड्यूटी मरीजों को लाने और ले जाने के लिए लगाई। उन्होंने इसकी निगरानी की जिम्मेदारी सुरक्षा गार्डों को सौंपी है। कहा एक भी तीमारदार व्हीलचेयर घसीटता मिला तो मरीज सहायक व निगरानी की जिम्मेदारी निभाने वाले सुरक्षा गार्डों की सेवा समाप्त कर दी जाएगी। साथ ही प्रसव के लिए आने वाली गर्भवतियों की सुगमता को लेकर महिला अस्पताल की खराब लिफ्ट को सही कराने पर जोर दिया। उन्होंने एसएनसीयू की व्यवस्थाओं को देखा और प्रभारी डॉ. अवधेश गुप्ता सहित स्टाफ की सराहना भी की। प्रिंसिपल ने बताया कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए निरीक्षण के दौरान कुछ कर्मचारी ड्रेस में नहीं मिले।
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बयान .....
निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी वार्ड से नदारद फार्मासिस्टों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। सभी डॉक्टर व कर्मचारियों को ड्रेसकोड का पालन के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण में जो भी खामियां मिलीं हैं उनमें सुधार करने के लिए कहा गया है। मरीजों को बेहतर सेवाएं देने के लिए वह प्रतिबद्ध हैं। इसमें लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. अंबरीश गुप्ता, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज