केस की जांच जारी है। सूत्रों के मुताबिक मामले में सीबीआई व विजिलेंस टीम सक्रिय हो गई है। इन सभी आरोपियों का ब्योरा जुटा रही है। कई अहम दस्तावेज लखनऊ स्थित क्षेत्रीय कार्यालय से जुटाए हैं। इसके अलावा भी कई और अधिकारी रडार पर हैं। वर्तमान में शैलेंद्र चंडीगढ़ पासपोर्ट सेवा केंद्र में तैनात है।
विवेचना ठप, इंस्पेक्टर के खिलाफ जांच भी सुस्त
केस की विवेचना तत्कालीन कर्नलगंज एसीपी त्रिपुरारी पांडेय कर रहे थे। जब से उनका तबादला हो गया है तब से विवेचना ठप पड़ी है। वहीं मामले में सामने आया था कि तत्कालीन कर्नलगंज इंस्पेक्टर बलराम मिश्रा ने दो तीन लोगों को थाने से छोड़ा था। इस प्रकरण की जांच एसीपी सीसामऊ निशंक शर्मा कर रहे हैं। हालांकि इंस्पेक्टर को बचाने के प्रयास जारी है। इस वजह से जांच बहुत धीमी चल रही है।