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PHOTOS: न बैंड-बाजा और न बाराती, ये सब देख इस शादी की खुशियों में शामिल हुए राहगीर

Wed, 23 May 2018 08:01 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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दोनों में दोस्ती हुई और फिर यह दोस्ती प्यार में बदल गई
यूपी के कन्नौज में मंगलवार को हुई एक शादी पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गई। इस शादी में न तो बैंड-बाजा था और न ही बाराती। इस शादी की खुशियों में शामिल होने के लिए राहगीर जा पहुंचे। 
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मां और छोटा भाई तो शादी के लिए तैयार हो गया
गोमती नगर लखनऊ के सिंधी परिवार से तालुकात रखने वाले राजकमल जयपुर में एक प्राइवेट कंपनी में इंजीनियर है। कन्नौज सौरिख थाना क्षेत्र के ग्राम रेरी रामपुर निवासी एक युवती से उसकी आंखें चार हो गईं। दरसल लड़की जयपुर में रह रही अपनी बड़ी बहन के यहां आती जाती थी, वही उस इंजीनियर का भी आना जाना था। दोनों में दोस्ती हुई और फिर यह दोस्ती प्यार में बदल गई। दोनों ने साथ जीने मरने की कसमें खाते हुए शादी करने का फैसला लिया। 

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शादी के बाद दोनों को राहगीरों ने शुभकामनाएं दी
दो दिन पहले इंजीनियर महोदय अपनी मां बहन और भाई के साथ उस युवती के घर सौरिख थाना क्षेत्र के चपुन्ना चौकी अंतर्गत ग्राम रेरी रामपुर पहुंच गए। यहां उस युवती की मां और छोटा भाई तो शादी के लिए तैयार हो गया, लेकिन युवती का बड़ा भाई और उसके दो ताऊ इस फैसले के खिलाफ थे। बात बनते ना देख प्रेमी प्रेमिका अपने परिजनों के साथ सौरिख थाने पहुंचे और पूरे मामले से अवगत कराते हुए शादी की बात कही। दरसल दोनों बालिग होने के कारण पुलिस अधिकारियों ने उन्हें कोर्ट मैरिज करने या फिर परिवार की सहमत से शादी करने की बात कहकर टरका दिया।
 
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बिना दहेज के अंतरजातीय विवाह मंदिर में
इसके बाद दोनों छिबरामऊ के आर्य समाज मंदिर पहुंचे लेकिन यहां व्यवस्था ना होते देख वह दोनों पुनःसौरिख पहुंचे और वहां स्थित संतोषी माता मंदिर में जा कर शादी करने का फैसला किया। दोनों ने भगवान को साक्षी मानते हुए एक दूसरे को वरमाला पहनाई और फिर इंजीनियर ने अपनी प्रेमिका की मांग में सिंदूर भरा। इस दौरान न बैंड बाजा और न बाराती सिर्फ राहगीर बाराती बने। शादी के बाद दोनों को राहगीरों ने शुभकामनाएं दी। बिना दहेज के अंतर्जातीय विवाह वह भी मंदिर में संपन्न होने की पूरे क्षेत्र में आम चर्चा रही।
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