- जिलाधिकारी कपिल सिंह ने मौके पर पहुंचकर यात्रियों से ली जानकारी
कानपुर देहात। भाऊपुर स्टेशन यार्ड के पास शुक्रवार शाम को मुजफ्फपुर-साबरमती जनसाधारण एक्सप्रेस के दो बोगी पटरी से उतर गए। चार घायलों को उपचार के लिए सीएचसी शिवली पहुंचाया गया। इधर ट्रेनों के मार्ग परिवर्तित किए गए। इससे यात्रियों को परेशानी हुई।
मुजफ्फरपुर से साबरमती अहमदाबाद जा रही जन साधारण एक्सप्रेस ट्रेन के पिछले छोर (गार्ड ब्रेकवान साइड) से छठवीं व सातवीं बोगी पटरी से उतर गई। इससे ट्रेन में मौजूद यात्रियों में चीख पुकार मच गई। यात्री ट्रेन से उतरकर ट्रैक पर टहलते नजर आए। घटना की जानकारी होते ही जिलाधिकारी कपिल सिंह, सीओ रसूलाबाद सौरभ वर्मा, शिवली थानाध्यक्ष प्रवीन कुमार व अन्य अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ट्रेन में सवार यात्रियों से मामले की जानकारी ली।
इधर मामूली रूप से घायल बिहार के मुठारी जिले के मघई शरीफ निवासी मोहम्मद कादिल (23) पुत्र जादुल, कन्हौली सीतामढी के मुंहचट्टी निवासी सुल्फान (13) पुत्र शेख तस्लीम, मुजफ्फरपुर के सकरा थाना के बादिव निवासी सद्दाम (28) पुत्र रसूल व छपरा के बिनगांव थाना के रायपुर निवासी प्रांशु (02) पुत्र सीताराम को एंबुलेंस से सीएचसी शिवली लाया गया। इनमें तीन को देर रात कानपुर हैलट रेफर कर दिया गया है। सभी मुजफ्फरपुर से अहमदाबाद जाने के लिए निकले थे।
वहीं, रूरा स्टेशन पर रुकने वाली दो ट्रेन लखनऊ-आगरा इंटरसिटी एक्सप्रेस व प्रयागराज से चंडीगढ़ जाने वाली ऊंचाहार एक्सप्रेस का रूट परिवर्तित कर दिया। इससे दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित सिंह ने बताया कि इंटरसिटी एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग लखनऊ से शाहजहानपुर, कासगंज,मथुरा होते हुए आगरा फोर्ट जाएगी। जबकि ऊंचाहार एक्सप्रेस को कानपुर से अनवरगंज होते हुए, फर्रुखाबाद, शिकोहाबाद व टूंडला के रास्ते से निकाला जाएगा।
जिलाधिकारी कपिल सिंह ने रेलवे अधिकारियों को ट्रैक की जल्द मरम्मत करवाने के निर्देश दिए। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की रोकथाम के लिए नियमित तकनीकी जांच एवं रख-रखाव को और सुदृढ़ किए जाने के लिए कहा। उन्होंने यह भी कहा कि यात्रियों को हरसंभव सहायता प्रदान की जा रही तथा वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से उन्हें उनके गंतव्य तक पहुंचाने की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन व रेलवे कर रहा है। मौके पर प्रशासनिक और रेलवे अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, यात्रियों की हर संभव मदद की जा रही है।