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फर्रुखाबाद: अपने कलेजे के टुकड़ों को देख आई जान में जान

Fri, 31 Jan 2020 04:41 AM IST
दुष्यंत शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रुखाबाद
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बच्चों को सुरक्षित पाकर राहत में अभिभावक... - फोटो : अमर उजाला
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बंधन मुक्त होकर जब बच्चों को सुभाष के घर से पुलिस कर्मियों ने निकाला तो उन्हें देख उनके परिजनों की जान में जान आई। सभी ने अपने-अपने कलेजे के टुकड़ों को गले से लगा लिया। कई बच्चों के माताओं की खुशी से आंखें भी नम हो गईं। 

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पुलिस कार्रवाई में सुभाष की मौत होने के बाद डाक्टरों की टीम ने सभी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस दौरान किसी को सुभाष के घर के अंदर नहीं जाने दिया। सभी अपने बच्चों को सकुशल देखने को परेशान थे। 

जब सभी बच्चों को स्वास्थ्य परीक्षण हो गया और सभी स्वस्थ थे। बच्चों को पुलिस कर्मियों ने बाहर निकालकर एक-एक कर उनके माता पिता को सौंपा। वहीं, बच्चों ने अपनी डर भरी दास्तां माता-पिता को बताई। 
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सभी बच्चों के माता-पिता व अन्य परिजन अपने कलेजे के टुकड़ों को देख कर ऊपर वाले और पुलिस का धन्यवाद किया। परिवारजनों ने कहा कि पुलिस ने सही समय पर उचित फैसला लिया, तभी उसके बच्चे सकुशल मिल सके।

बता दें कि गांव करथिया निवासी सुभाष बाथम ने पुत्री के जन्मदिन के बहाने गुरुवार दोपहर गांव के 23 बच्चों को घर बुलाकर बंधक बना लिया था। देर रात करथिया गांव में बंधक बनाए गए बच्चों को मुक्त कराने के लिए गांव के लोगों ने ईंटों व हथौड़े से गेट तोड़ दिया। पुलिस के घर के अंदर घुसते ही सुभाष ने फायरिंग शुरू कर दी। इसमेें दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। जवाबी कार्रवाई में सुभाष की मौत हो गई। इस दौरान सुभाष की पत्नी घायल हो गई। पुलिस ने पत्नी व बच्चे को कब्जे में लिया।


डीजीपी पल-पल की डीएम, एसपी से लेते रहे खबर
बच्चों को बंधक बनाने के  मामले को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान लेने के बाद डीजीपी एसपी और डीएम से पल-पल की खबर लेते रहे। सुभाष बाथम किस-किस चीजों की मांग कर रहा है और बच्चों को बंधक मुक्त कराने का क्या प्रयास किया जा रहा है। हर बात पर डीजीपी देर रात तक जानकारी करते रहे।

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