‘अमर उजाला’ की मुहिम रंग लाई। नगर निगम कछुआ तालाब का सुंदरीकरण कराएगा। बाउंड्री भी बनवाएगा। इस ऐतिहासिक तालाब को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए विशेष प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा। इस पर करीब साढ़े चार करोड़ रुपये का खर्च अनुमानित है।
शासन से धन मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा। ये फैसला सोमवार को नगर निगम कार्यकारिणी समिति की बैठक में लिया गया। पनकी हनुमान मंदिर के पास स्थित ऐतिहासिक कछुआ तालाब की बदहाली का मुद्दा ‘अमर उजाला’ ने उठाया था। इसे नगर निगम ने संज्ञान लिया है।
नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में वार्ड 51 के पार्षद आलोक दुबे का कछुआ तालाब से संबंधित प्रस्ताव (संख्या - 95) रखा गया। कार्यकारिणी सदस्य आशुतोष त्रिपाठी और नवीन पंडित की तरफ से अनुमोदित इस प्रस्ताव में बताया गया कि पनकी हनुमान मंदिर के पास स्थित प्राचीन शिव मंदिर प्रांगण में कछुआ तालाब है, जिसमें दुर्लभ प्रजाति के बड़े-बड़े कछुए हैं।
अब तालाब का पानी सूखने की कगार पर है, जिससे दुर्लभ कछुओं का अस्तित्व खतरे में है। उत्तर प्रदेश में इस प्रकार का दूसरा स्थान नहीं है। इसलिए जनहित में जल्द से जल्द कछुआ तालाब के सुंदरीकरण का आदेश पारित करें। महापौर जगतवीर सिंह द्रोण ने बताया कि नगर निगम इस तालाब का सुंदरीकरण कराएगा और बाउंड्री बनवाएगा। इसके विकास का प्रस्ताव तैयार कर जल्द ही शासन को भेजा जाएगा।