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आदमखोर जानवर के चक्कर में मार गिराया जंगली सुअर, हकीकत से सब बेखबर

Mon, 17 Apr 2017 11:48 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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घायल गांववाले, जमीन पर पड़ी जंगली सुअर की लाश
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एक आदमखोर जंगली जानवर पिछले 20 दिनों से यूपी के फर्रुखाबाद के गांवों में आतंक का सबब बना हुआ है। अभी तक ये जानवर 11 लोगों को अपना निशाना बना चुका है। जिस किसी ने इसकी एक झलक देखी उन्होंने मान लिया कि ये एक जंगली सुअर है। इसी चक्कर में गांववालों ने रविवार को एक जंगली सुअर को मार गिराया और उन्होंने ये मान लिया अब सिर से मुसीबत टल चुकी है। जबकि हकीकत कुछ और है।
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पढ़िये हमारी इस खास रिपोर्ट में...

असलियत तो यह है कि फर्रुखाबाद के मेरापुर, नवाबगंज क्षेत्र में आतंक का पर्याय बने खूंखार जंगली जानवर का खतरा अभी तक बरकरार बना है। वन विभाग के अधिकारियों का भी मानना है कि गांव ढर्रा शादीनगर में जो पंजे कानपुर चिड़ियाघर से आए डॉ. नासिर ने कैमरे में कैद किए थे। वह पंजे खूंखार लकड़बग्घा के थे। इसलिए इस क्षेत्र के लोग सावधान रहें और यह न समझें कि लकड़बग्घा नहीं, बल्कि जंगली सुअर आतंक मचाए था। नवाबगंज क्षेत्र में कई लोगों पर हमला करने वाला और ढर्रा शादीनगर में एक 14 वर्षीय किशोर को मौत के घाट उतारने वाला लकड़बग्घा से इस जंगली सुअर का कोई लेना-देना नहीं है। मेरापुर थाना क्षेत्र में जंगल और काली नदी होने की वजह से गर्मी के सीजन में जंगली जानवर पानी की तलाश में आ गया है। वह दिन के समय कहीं छिप जाता है और रात के समय वह शिकार और पानी की तलाश में निकलता है तो किसान उसे खेतों में काम करते मिलते हैं। छेड़छाड़ करने पर वह जंगली जानवर आक्रामक हो जाता है। मेरापुर थाना क्षेत्र में जंगली जानवर है अथवा नहीं। यह कह पाना कठिन है। क्योंकि उनका आवागमन लगा रहता है लेकिन इतना जरूर है कि इस जंगली सुअर की हत्या से उस जानवर का कोई लेना-देना नहीं है। वह फिलहाल जीवित है। इस बात को डीएफओ देवेश कुमार श्रीवास्तव भी स्वीकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि जिस जंगली जानवर ने नवाबगंज और मेरापुर क्षेत्र में घटनाओं को अंजाम दिया। वह लकड़बग्घा है। उससे लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। डीएफओ ने कहा कि मौजूदा समय में खेतों में मक्का की फसलें बहुतायत से खड़ी हैं। किसान रात के समय अपने खेतों में न जाएं। अधिक गर्मी पड़ने से खूंखार जंगली जानवर मक्का की फसल में छिप सकते हैं और बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं। रात के समय जानवरों के विचरण का समय होता है। इस वजह से किसान पूरी तरह से सावधानी बरतें। 
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