कानपुर। महानगर के ईएसआईसी अस्पताल की दयनीय स्थिति और अव्यवस्थाओं को लेकर मंगलवार को लोकसभा में आवाज उठाई गई। सांसद रमेश अवस्थी सदन के सामने बताया कि पांडुनगर स्थित ईएसआईसी अस्पताल के नवीनीकरण एवं विस्तार कार्य में हो रही लापरवाही और अत्यधिक विलंब पर चिंता का विषय है। कहा कि कर्मचारी राज्य बीमा निगम केंद्र सरकार की ओर से वर्ष 2009 में इस अस्पताल में एक डेंटल कॉलेज तथा नवीनीकरण कार्य हेतु 254.80 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी। वर्ष 2016 में तत्कालीन मंत्री की ओर से 312 बेड के अस्पताल के निर्माण की स्वीकृति भी प्रदान की गई थी साथ ही शिलान्यास भी किया गया था। इसके बावजूद मंत्रालय, विभागीय अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसियों के आपसी सामंजस्य के अभाव की वजह से यह अस्पताल अधूरा पड़ा है।सांसद अवस्थी ने बताया कि वर्तमान में अस्पताल निर्माण की लागत दोगुनी हो चुकी है। देरी की वजह से हजारों बीमाकृत कर्मचारी व उनके परिवार अच्छी चिकित्सा सुविधाओं से वंचित हैं। उन्होंने श्रम एवं रोजगार मंत्री से इस विषय पर ठोस कार्रवाई की मांग की है। कहा है कि इस संबंध में एक संयुक्त समिति का गठन कर स्थानीय निरीक्षण कर इसकी संपूर्ण जांच कराई जाए जिससे ताकि कानपुर के श्रमिक वर्ग को शीघ्र ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।