कानपुर। वित्तीय वर्ष का पांचवां महीना भी बीत गया लेकिन गांवों में विकास की तस्वीर बदलने के दावे करने वाला पंचायती राज विभाग अभी तक ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना तक फीड नहीं करा सका है।
कानपुर जिले की 590 ग्राम पंचायतों में 548 की कार्ययोजना फीड होनी है। यहां विकास कार्य तो दूर, पंचायतें यह भी तय नहीं कर सकीं कि पूरे साल गांव में करना क्या है। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर कार्ययोजना फीड न होने से प्रदेश की करीब 10 हजार ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की पूरी प्रक्रिया ही अटक गई है। इस पर निदेशक पंचायतीराज अमित कुमार सिंह ने सभी जिलों के डीपीआरओ को पत्र भेजा है।
प्रदेश के 75 जिलों में 57,694 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें अभी तक 48,694 पंचायतों की कार्ययोजना ही फीड हो सकी है। बड़ी संख्या में पंचायतें अब भी पोर्टल से बाहर हैं। जिले की करीब 95 फीसदी पंचायतें समय पर कार्ययोजना तैयार कर पोर्टल पर दर्ज कराने में नाकाम रही हैं। गांवों में सड़क, नाली, जलनिकासी, पेयजल, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कामों की उम्मीद लगाए बैठे ग्रामीणों के हिस्से में फिलहाल सिर्फ इंतजार आया है।
समयसीमा बढ़ी, अब आखिरी चेतावनी
कार्ययोजना फीड करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त थी, जिसे बढ़ाकर 10 सितंबर कर दिया गया है। विभाग ने पंचायतों को एक और मौका देकर साफ कर दिया है कि अब लापरवाही की गुंजाइश नहीं है। यदि 10 सितंबर तक कार्ययोजना फीड नहीं हुई तो संबंधित ग्राम पंचायतें वर्क आइडी जनरेट नहीं कर सकेंगी और विकास कार्यों के भुगतान की प्रक्रिया भी आगे नहीं बढ़ पाएगी। यानी पंचायतों की यह लापरवाही सीधे विकास बजट और गांवों में होने वाले कामों पर असर डालेगी।
इनकी नहीं बनी कार्ययोजना
ब्लाक ग्रा. पं.
भीतरगांव 74
बिल्हौर 48
चौबेपुर 58
घाटमपुर 72
ककवन 25
कल्याणपुर 40
पतारा 50
सरसौल 62
शिवराजपुर 63
विधनू 56
वर्जन-
प्रधानों के प्रशासक पद पर तैनाती के बाद शासन स्तर से साफ निर्देश न जारी हो पाने के कारण कार्ययोजना फीड करने में देरी हुई है। जल्द ही सभी ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना फीड कराई जाएगी। - मनोज कुमार, डीपीआरओ
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