मां समेत आठ गवाह कोर्ट में पेश किए गए
वर्ष 2017 में जब आयुष से दूरी बनाने की कोशिश की, तो किशोरी के अश्लील वीडियो व फोटो दिखाकर ब्लैकमेल किया और लगातार उससे दुष्कर्म करता रहा। 8 मार्च 2019 को आयुष के घर शादी का प्रस्ताव लेकर गई, तो बेइज्जत कर भगा दिया। पीड़िता व उसकी मां समेत आठ गवाह कोर्ट में पेश किए गए। आयुष के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य न होने पर कोर्ट ने उसे दोषमुक्त करार दे दिया।
अभियोजन के दो अहम गवाह कोर्ट में मुकरे
पीड़िता ने अपने बयान में कहा था कि आयुष अपने ड्राइवर विशाल तिवारी को गाड़ी से उतारकर उसके साथ दुष्कर्म करता था। साथ ही एक दिन जब उसके परिचित रामदत्त पांडे घर आए और मांग में भरा सिंदूर देखा, तो आयुष ने शादी की बात कबूली थी। कोर्ट में विशाल और रामदत्त बयान से मुकर गए थे।
पीड़िता की मां बोली, नाराज होकर लिखाई रिपोर्ट
पीड़िता की मां ने कोर्ट में दिए बयान में कहा था कि आयुष और मेरी बेटी कई साल से प्यार करते थे। एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे। जब मैं बेटी को लेकर आयुष के घर गई तो उसके मम्मी-पापा ने बेइज्जत कर भगा दिया। इससे नाराज होकर बेटी ने रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। इसके अलावा मेरे सामने कोई घटना नहीं हुई।
कोर्ट में नहीं खुले लैपटॉप और मोबाइल
आयुष के लैपटॉप और मोबाइल को आयुष के पिता से लेकर एफएसएल भेजा गया था। एफएसएल ने डाटा रिकवर कर हार्ड डिस्क में वापस थाने भेजा था। इसे थाने के लैपटॉप में चलाया गया तो उसमें कुछ अश्लील फोटो और वीडियो मिले थे, लेकिन जब लैपटाप, मोबाइल और हार्डडिस्क कोर्ट में पेश की गई तो कई बार प्रयास के बावजूद लैपटॉप और मोबाइल खुला ही नहीं।