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UP: पान मसाला कारोबारी का बेटा दुष्कर्म के मामले में बरी, पीड़िता ने ब्लैकमेल कर शारीरिक शोषण का लगाया था आरोप

Sat, 18 Jan 2025 10:00 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: पीड़िता ने अपने बयान में कहा था कि आयुष अपने ड्राइवर विशाल तिवारी को गाड़ी से उतारकर उसके साथ दुष्कर्म करता था। साथ ही एक दिन जब उसके परिचित रामदत्त पांडे घर आए और मांग में भरा सिंदूर देखा, तो आयुष ने शादी की बात कबूली थी। कोर्ट में विशाल और रामदत्त बयान से मुकर गए थे।
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सांकेतिक - फोटो : stock.adobe
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विस्तार
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कानपुर में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में फंसे पान मसाला कारोबारी के बेटे आयुष खेमका को अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट योगेश कुमार ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। मुकदमे में आरोपी मसाला कारोबारी सुनील और उनकी पत्नी नीलम खेमका की फाइल अलग चल रही है।

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इंदिरानगर में रहने वाली किशोरी ने 13 मार्च 2019 को डीआईजी रेंज के आदेश पर कल्याणपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि नवाबगंज के एनआरआई सिटी निवासी आयुष खेमका से फेसबुक के जरिए वर्ष 2015 में जान पहचान हुई। इसके बाद आयुष शादी का झांसा देकर उससे शारीरिक संबंध बनाता रहा।

मां समेत आठ गवाह कोर्ट में पेश किए गए
वर्ष 2017 में जब आयुष से दूरी बनाने की कोशिश की, तो किशोरी के अश्लील वीडियो व फोटो दिखाकर ब्लैकमेल किया और लगातार उससे दुष्कर्म करता रहा। 8 मार्च 2019 को आयुष के घर शादी का प्रस्ताव लेकर गई, तो बेइज्जत कर भगा दिया। पीड़िता व उसकी मां समेत आठ गवाह कोर्ट में पेश किए गए। आयुष के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य न होने पर कोर्ट ने उसे दोषमुक्त करार दे दिया।

अभियोजन के दो अहम गवाह कोर्ट में मुकरे
पीड़िता ने अपने बयान में कहा था कि आयुष अपने ड्राइवर विशाल तिवारी को गाड़ी से उतारकर उसके साथ दुष्कर्म करता था। साथ ही एक दिन जब उसके परिचित रामदत्त पांडे घर आए और मांग में भरा सिंदूर देखा, तो आयुष ने शादी की बात कबूली थी। कोर्ट में विशाल और रामदत्त बयान से मुकर गए थे।

पीड़िता की मां बोली, नाराज होकर लिखाई रिपोर्ट
पीड़िता की मां ने कोर्ट में दिए बयान में कहा था कि आयुष और मेरी बेटी कई साल से प्यार करते थे। एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे। जब मैं बेटी को लेकर आयुष के घर गई तो उसके मम्मी-पापा ने बेइज्जत कर भगा दिया। इससे नाराज होकर बेटी ने रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। इसके अलावा मेरे सामने कोई घटना नहीं हुई।
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कोर्ट में नहीं खुले लैपटॉप और मोबाइल
आयुष के लैपटॉप और मोबाइल को आयुष के पिता से लेकर एफएसएल भेजा गया था। एफएसएल ने डाटा रिकवर कर हार्ड डिस्क में वापस थाने भेजा था। इसे थाने के लैपटॉप में चलाया गया तो उसमें कुछ अश्लील फोटो और वीडियो मिले थे, लेकिन जब लैपटाप, मोबाइल और हार्डडिस्क कोर्ट में पेश की गई तो कई बार प्रयास के बावजूद लैपटॉप और मोबाइल खुला ही नहीं।
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