कैप्टन योगेंद्र सिंह यादव का सम्मान करते अधिकारी।
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कानपुर। पाकिस्तान आतंक की फैक्टरी है। पहलगाम हमले के जरिए भारत को जाति और धर्मों के नाम पर बांटने का प्रयास था लेकिन भारतीय सेना ने इसका मुंहतोड़ जवाब दिया। यह बातें 37वीं वाहिनी पीएसी में परमवीर चक्र से सम्मानित कैप्टन योगेंद्र सिंह यादव ने जवानों के साथ संवाद कार्यक्रम में कहीं।
सेनानायक बीबी चौरसिया एवं सहायक सेनानायक सुधाकर मिश्र की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में कैप्टन योगेंद्र ने रिक्रूट आरक्षियों से कारगिल युद्ध के दाैरान अपने अनुभव साझा किए। कैप्टन यादव ने कहा कि देशभक्ति कोई सिखाई जाने वाली चीज नहीं। यह एक शुद्ध भावना है जो स्वतः विकसित होती है।
उन्होंने कहा कि सेना या पुलिस में सेवा करना केवल नौकरी नहीं बल्कि यह जीवन जीने का तरीका है जिसमें जुनून, बलिदान और राष्ट्र सेवा का अद्भुत संगम होता है। उन्होंने जवानों को कर्तव्यों के प्रति सजग रहने, जीवन में सकारात्मक सोच और अनुशासित दिनचर्या अपनाने की प्रेरणा दी। यहां पर सूबेदार सैन्य सहायक सुरेंद्र सिंह, आरटीसी प्रशिक्षक, वाहिनी के अधिकारी व कर्मचारी माैजूद रहे।