शादी कर लो बेटा, बहू का मुंह देख लें
दादी बोलीं, मैंने कहा था..शादी कर लो बेटा, बहू का मुंह देख लें, फिर चैन से मरूंगी... ये बात विमला देवी ने कई बार अपने पोते शुभम द्विवेदी से कही थी, जिसके बाद शादी की थी। हम तो चाहते थे उसका घर बस जाए, दो महीने पहले ही तो शादी हुई थी। अब किस्मत ने सब छीन लिया।
बार-बार शुभम के कमरे की ओर जातीं रहीं दादी
मेरा तो बस वही नाती था। शुभम अपने परिवार का सबसे चहेता था, चाची, बुआ, माता-पिता सबको छोड़कर चला गया। घर पर बुजुर्ग दादी विमला देवी बार-बार शुभम के कमरे की ओर जातीं, कभी खामोश खड़ी हो जातीं थी, कभी लौटकर कहतीं कि अब वो नहीं है।
शादी के एल्बम के पन्ने लग रहे हैं भारी
कोई बात नहीं करता…अब उस कमरे से। उनके चेहरे की झुर्रियों में ग़म गहराता जा रहा था। दादी ने बताया उनकी पत्नी एशान्या अब भी सदमे में हैं, एक शब्द नहीं कह पा रहीं। शादी के एल्बम के पन्ने अब भारी लगते हैं, और जिंदगी जैसे वहीं रुक गई हो।