ऑक्सीजन की मांग में भी गिरावट आई है। तीन दिन में 50 प्रतिशत मांग घटी है। दादा नगर स्थित चमन गैस प्लांट के प्रबंधक संदीप अरोड़ा के अनुसार पूर्व में प्लांट से 500 से 700 सिलिंडर प्रतिदिन भरे जा रहे थे।
उत्तर प्रदेश में जैसे जैसे संक्रमित मरीजों की संख्या कम हो रही है, ऑक्सीजन की मांग में भी गिरावट आई है। तीन दिन में 50 प्रतिशत मांग घटी है। दादा नगर स्थित चमन गैस प्लांट के प्रबंधक संदीप अरोड़ा के अनुसार पूर्व में प्लांट से 500 से 700 सिलिंडर प्रतिदिन भरे जा रहे थे।
विज्ञापन
अब 200 से 250 ही रिफिल हो रहे हैं। फजलगंज स्थित बब्बर ऑक्सीजन प्लांट के प्रबंधक सुमित बब्बर के अनुसार तीन-चार दिन पहले तक रोज 1000 से 1200 सिलिंडर रिफिल किए जा रहे थे। सोमवार को 50 प्रतिशत कम रिफिलिंग हुई। लोहिया चौराहा स्थित हरिओम गैस प्लांट, पनकी गैस प्लांट व मुरारी ऑक्सीजन प्लांट में भी ऑक्सीजन की डिमांड आधी हो गई है।
हालांकि, सिलिंडर आसानी से अभी भी नहीं मिल रहा है। प्रबंधकों के अनुसार पूर्व में सिक्योरिटी मनी जमा कर जो सिलिंडर गए थे, उन्हें लोगों ने बुरे वक्त में जरूरत के लिए अपने पास रोक लिया है। इस वजह से समस्या हो रही है।
विज्ञापन
पोर्ट की मरम्मत हुई, पर कर्मचारी नहीं
दादानगर स्थित पनकी ऑक्सीजन प्लांट में 30 अप्रैल की सुबह सिलिंडर फटने से एक पोर्ट क्षतिग्रस्त हो गया था। घटना में कर्मचारी मर्दनपुर निवासी मुराद अली की मौत हो गई थी। एक सप्ताह बाद पोर्ट की मरम्मत तो हो गई लेकिन कुशल कर्मचारी न मिलने से अभी भी इससे वितरण नहीं शुरू हो सका है। एक पोर्ट से ही सिलिंडर भरे जा रहे हैं।