कानपुर हैलट के कोविड अस्पतालों में शासन ने तीन दिन के ऑक्सीजन बैक अप रखने के निर्देश दिए हैं लेकिन हकीकत में एक ही दिन का बैक अप है। अगर हर दूसरे दिन आने वाला लिंडे का टैंकर न आए तो रोगियों की शामत आ जाएगी। हर रोज लिक्विड आक्सीजन टैंकर भेजने से लिंडे कंपनी ने हाथ खड़े कर दिए हैं।
कानपुर प्रभारी प्रमुख सचिव आलोक कुमार साथ बैठक में एनेस्थेसिया विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल वर्मा ने सारी स्थिति साफ की। 20 हजार लीटर का नया टैंक भी हैलट में बनाने के लिए लिंडे तैयार नहीं है। प्रभारी प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने मेडिसिन विभाग के सभागार में जीएसवीएम मेडिकल कालेज और हैलट के अधिकारियों के साथ बैठक की।
ऑक्सीजन के मुद्दे पर उन्हें बताया कि इस वक्त सामान्य दिनों से 15 गुना अधिक खपत हो रही है। न्यूरो साइंसेस और मैटरनिटी विंग के कोविड अस्पताल में 4500 लीटर ऑक्सीजन की खपत है। इसमें 9000 हजार लीटर ऑक्सीजन रहती है। अगले दिन टैंक आधा खाली रहता है। यही बैक अप रहता है। अगर हर दूसरे दिन आने वाला लिंडे का टैंकर नहीं आया तो बैक अप खत्म।