कानपुर। पिछले लंबे समय से उठ रही मांग को देखते हुए दादा नगर समांतर रेलवे ओवर ब्रिज को शासन और रेलवे की तरफ से भी हरी झंडी दे दी गई है। जल्द ही इस ओवरब्रिज के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस पुल के बन जाने से उत्तर और दक्षिण के बीच आवागमन काफी हद तक सुलभ हो जाएगा। वैसे तो दादा नगर समानांतर ओवरब्रिज को लेकर लंबे समय से मांग की जा रही थी लेकिन सिद्धांत रूप से क्षेत्रीय विधायक सुरेंद्र मैथानी ने विधानसभा सदन में 301 नियम के अनुसार 28 फरवरी 2020 को यह सवाल उठाया था कि रेलवे क्रॉसिंग की वजह से जाम लगातार लगने के कारण लोगों को काफी दिक्कत उठानी पड़ रही है। एकल ब्रिज होने की वजह से भी आवागमन अक्सर बाधित रहता है। इसलिए समानांतर ब्रिज अविलंब बनाने की अनुमति दी जाए। इसी कड़ी में इस महीने की 4 तारीख को आखिरी बार नार्थ सेंट्रल रेलवे और ब्रिज कारपोरेशन की टीम ने सर्वे किया और यहां पर समानांतर ब्रिज बनाने के लिए फीजिबिलिटी रिपोर्ट शासन को सौंप दी। जिसमें बताया गया है कि दादा नगर पुल के समानांतर दूसरा ब्रिज बनाया जा सकता है। बृहस्पतिवार को समानांतर ब्रिज निर्माण की प्रगति रिपोर्ट जानने के लिए क्षेत्रीय विधायक मैथानी ने लखनऊ जाकर संबंधित विभाग में पूछताछ किया तो पता चला कि समानांतर ब्रिज निर्माण की प्रक्रिया को हरी झंडी मिल गई है। इसकी प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी तैयार कर ली गई है। इस पुल के निर्माण पर ₹6396.73 लाख की लागत आएगी।विधायक मैथानी ने बताया कि इसमें बीच का कुछ हिस्सा रेलवे की तरफ से बनाया जाएगा। जिसके लिए रेलवे की तरफ से जल्द ही बजट भी जारी किया जाएगा। रेलवे की तरफ से अपने हिस्से का ब्रिज निर्माण करने के तत्काल बाद ब्रिज कारपोरेशन की तरफ से भी निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।